सौंफ खाने के फायदे (Health Benefits Of Fennel Seeds (Saunf); From Weight Loss To Heart-Health & Digestion)

सौंफ खाने के फायदे, खाने के बाद सौंफ खाने के फायदे, डाइट में क्यों शामिल करें सौंफ के बारे में विस्तार से यहां से पढ़ें।

सौंफ को ज्यादातर खाना खाने के बाद माउथ फ्रेशनर की तरह इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन सौंफ माउथ फ्रेशनर से ज्यादा काम करती है क्योंकि सौंफ खाने के फायदे कई होते हैं। सौंफ को इसके लीकोरिस स्वाद के लिए जाना जाता है जो खाने में खुशबू की तरह काम करती है। विज्ञानिक भाषा में सौंफ को फीनिकुल वल्गारे कहा जाता है जो हमारी सेहत के लिए लाभदायक होती है। सौंफ को पाचन शक्ति को अच्छा करने के लिए भी खाया जाता है। खासकर भारत में लोग अपना खाना सौंफ खाने के बाद ही खत्म करते हैं जिससे खाना पचने में परेशानी न होती है। आपको बता दें कि इसके अलावा सौंफ के ऐसे कई सारे फायदे हैं। सौंफ के पौधे से कई सारी दवाईयां बनाई जाती हैं जिससे हम कह सकते हैं कि सौंफ कितनी लाभदायक होती है। सौंफ खाने से जुड़े सारे फायदो की जानकारी आप इस आर्टिकल से प्राप्त कर सकते हैं।

सौंफ को अपनी रोज़ाना की डाइट में कैसे करें शामिल?

हेल्दी रहने के लिए सौंफ को इस्तेमला करने के 4 तरीकें-

अगर आपको सौंफ को कच्चा खाना पसंद नहीं है तो आप इसको बाकी के तरीको से भी खा सकते हैं। सौंफ को खाना इसलिए जरुरी होता है क्योंकि सौंफ खाने के फायदे बहुत सारे हैं। फायदो के बारे में जानने से पहले आप इसको खाने के तरीको के बारे में जान लें। नीचे से आप सौंफ का पानी बनाने की विधि की जानकारी भी ले सकते हैं।

  • सौंफ का पानी- एक कप सौंफ, 8 ग्लास पानी और थोड़ा सा शहद लें और सबको मिलाकर एक पेस्ट बना लें। इन सबको पूरी रात भीगने के लिए छोड़ दें ताकि पानी में सौंफ का फ्लेवर अच्छे से आ जाए। अगली सुबह पानी को छान लें और पूरा दिन सौंफ का पानी पीएं।
  • सौंफ की चाय- ग्रीन टी या ब्लैक टी बनाते समय उसमें थोड़े सौंफ के दाने भी डाल दें और सौंफ के फ्लेवर वाली चाय का स्वाद लें। सौंफ की चाय पीने से आप पेट की परेशीन से दूर रहेंगे।
  • तड़का लगाने के लिए- सब्जी या किसी और चीज़ में तड़का लगाते समय आप सौंफ का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • सलाद में डालें- सौंफ के दानों को पीसकर उसका पाउडर बना लें। पाउडर बनाने के बाद इसको सलाद के ऊपर छिड़कर सलाद का स्वाद लें। सौंफ के पाउडर को आप कई जगह इस्तेमाल कर सकते हैं।

सौंफ के स्वास्थ्य फायदे (Benefits Of Fennel Seeds)

1. जरुरी पोषण से भरपूर

सौंफ को रोज़ाना खाने में जरुर इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन आपको पता है कि 1 चम्मच सौंफ (6 ग्राम) में 2 ग्राम डाइट्री फाइबर होता है। जिनमें 20 केलोरी होती है जो आपको पूरे दिन का 2% से 3% तक का विटामिन सी और पोटैशियम देती है। इसके अलावा 6% से 7% तक कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम देती है। साथ ही 19% मैंगनीज भी देती है। सौंफ की चाय, सौंफ का पानी पीने से शरीर की अधिकतर बीमारी से दूर रहती है। इसको देखकर हम यह कह सकते हैं कि एक चम्मच सौंफ में बहुत कुछ होता है।

2. भूख कम लगना

अगर आप वज़न कम करना चाहते हैं तो सौंफ के पानी से वजन कैसे कम करें की जानकारी यहां से ले सकते हैं। सौंफ खाने से हमें भूख कम लगती है जिससे हमारे शरीर में केलोरी भी कम जाती है। वज़न कम करने का मतलब ही केलोरी से जुड़ा होता है। हम कितने केलोरी लेते हैं और कितनी केलोरी का इस्तेमाल होता है। एक स्टडी में 9 हैल्थी महिलाओं को 250 एमएल सौंफ की चाय (2 ग्राम सौंफ से बनाई गई) को रोज़ाना लंच से पहले पीने को कहा गया। कुछ दिनों में महिलाओं ने कहा की वो पहले से कम खाना खाने लगी हैं क्योंकि उन्हें भूख नहीं लगती है। सौंफ और भूख न लगने को लेकर और भी स्टडी की जा रही हैं।

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सौंफ खाने से भूख कम लगती है जिससे वज़न कम होता है।

3. दिल को स्वस्थ रखने में मदद

जिस खाने में डाइट्री फाइबर, मैग्नीशियम और पोटेशियम होता है वो दिल के लिए बहुत अच्छा होता है। क्योंकि यह सारी चीज़े आपके ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखता है। ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का असामान्य न होने से कार्डिएक अरेस्ट और स्ट्रोक जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है।

हालाकिं सौंफ को लेकर यह बात ज़ाहिर नहीं हुई है कि सौंफ दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है। लेकिन यह बात सही है कि जिस भी खाने में डाइट्री फाइबर, मैग्नीशियम और पोटेशियम होता है वो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। और जहां तक सौंफ का सवाल है यह सारी चीज़े सौंफ में होती हैं।

4. गर्भवती महिलाओं में दूध की मात्रा अधिक हो जाती है

सौंफ में एंथोले नाम का कोंपोनेंट होता है जो अपनी गैलेक्टोजेनिक गुण के लिए जाना जाता है। इसके दो महत्वपूर्ण पदार्थ होते हैं डायनेथोल और फोटोनेथोल। गर्भावस्था के दौरान सौंफ खाने से यह दूध की मात्रा को बढ़ाने का काम करता है। साथ ही यह दूध को हैल्थी बनाता है जो शिशु के लिए लाभदायक है।

एक स्टडी में महिलाओं के दो ग्रुप बनाएं गए। पहले ग्रुप की महिलाओं को चाय पीने के लिए कहा गया जिसमें 7.5 ग्राम सौंफ का पाउडर और 3 ग्राम ब्लैक टी होगी। वहीं दूसरे ग्रुप को सिर्फ 3 ग्राम ब्लैक टी पीने को कहा गया। महिलाओं को चाय दिन में तीन बार चार हफ्तों तक लगातार पीनी थी। चार हफ्तों बाद सौंफ के पाउडर की चाय पीने वाली महिलाओं ने बताया कि इनके बच्चे स्वस्थ रुप से बढ़ रहें हैं, खाना उनको अच्छे से पच रहा है और बच्चे एक्टिव भी हैं।

भारत में जब की कोई गर्भवती महिला बच्चे को जन्म देती है उसके बाद से महिला को गूंद के लड्डू खिलाए जाते हैं। इससे महिला के अंदर ताकत आती है और दूध की मात्रा को ज्यादा करने में मदद करता है। इन लड्डू को बनाने के लिए सौंफ का इस्तेमाल किया जाता है।

5. इनमें पौधे के कई गुण होते हैं

सौंफ में कई पौधों के एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। सौंफ का पौधा बहुत लाभदायक होता है। सौंफ में 28 पौधों के गुण पाए जाते हैं जैसे कि एनेथोल, लिमोनेन, मिथाइल चैविकोल, एनिसिक एल्डिहाइड, पिनीन, माईकैन, सिनेल और फेनकोन। स्टीड में यह पाया गया है कि इनमें एंटी इंफ्लामेट्री, एंटी माइक्रोबियल, एंटी बैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं। यह हमारे शरीर के सेल को खराब होने से बचाते हैं साथ ही खतरनाक बीमारी से भी बचाते हैं।

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सौंफ का पौधा

6. कैंसर से बचाव

जो पौधे के गुण जिसको एंथोल कहा जाता है वो कैंसर के सेल से लड़ने में मदद करता है। एक स्टडी में यह पाया गया है कि एपोप्टोसिस के बढ़ने का भी कारण बनती हैं जो ब्रैस्ट कैंसर के सेल को खत्म कर देती है। आपको बता दें कि जानवरों के ऊपर यह जांच की गई है कि सौंफ में मौजूद पौधों के गुणों से ब्रैंस्ट कैंसर और कैंसर के सेल को खत्म किया जा सकता है। लेकिन ऐसी कोई स्टडी मनुष्य के ऊपर नहीं की गई है।

7. स्वस्थ इम्यूनिटी 

सौंफ में एंटी इंफ्लामेट्री, एंटी माइक्रोबियल, एंटी बैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होने के कारण यह हमारी इम्यूनिटी को स्ट्रोंग बनाता है। बैक्टीरियल इंफेक्शन जैसे कि बुखार, ज़ुखाम से बचे रहने में मदद करता है। जो लोग रोज़ाना सौंफ का सेवन करते हैं वो लोग कम बीमार होते हैं। केम्फेरफेरोल और क्वेरसेटिन यह दो ऐसे एंटीऑक्सीडेंट हैं जो चोट और घाव में जल्द आराम दिलाते हैं।

8. गैस की परेशानी से दूर

पेट की कोई भी दिक्कत सौंफ का रोज़ाना सेवन करने से जा सकती है। पेट में दर्द, सूजन, अपच, पेट में गैस या पाचन संबंधी बाकी सारी परेशानी सौंफ खाने के कुछ समय बाद दूर हो जाती है। सौंफ का जूस पीने से भी आप पेट की परेशानी से दूर रहते हैं।

9. शिशु के पेट दर्द में आराम

सौंफ इतनी फायदेमंद होती है कि यह 2 से 12 साल तक के बच्चों को भी दी जा सकती है। कई बार छोटे शिशु बहुत ज्यादा रोते हैं इसके लिए आप सौंफ के तेल का इस्तेमाल सही मात्रा में कर सकते हैं। यह एक प्राकृतिक उपाए है जो दवाई से लाख गुना अच्छा है।

सौंफ ऐसी चीज़ है जो हर रसोई में पाई जाती है। अभी तक सौंफ का इस्तेमाल सिर्फ स्वाद के लिए जाता होगा लेकिन अब जब आपको पता चल गया है कि इसके कितने सारे फायदे होते हैं तो इसके बाकी के फायदे भी जरुरी ट्राए करें।

FAQs

  1. सौंफ खाने के क्या फायदे हैं? (What are the benefits of eating fennel?)

    सौंफ में ऐसे कई सारे पोष्टिक आहार पाए जाते हैं जो शरीर के लिए लाभदायक होते हैं। जैसे कि फाइबर, फोलेट, पोटैशियम, विटामिन सी, विटामिन बी6 आदि। इसके साथ ही इसमें कोलेस्ट्रॉल की मात्रा भी कम होती है।

  2. सौंफ पाउडर क्या होता है? (What is fennel powder?)

    भारतीय किचन में सौंफ पाउडर का इस्तेमाल अचार बनाते समय किया जाता है। इसके अलावा सौंफ पाउडर को चाय और खाने में भी इस्तेमाल किया जाता है।

  3. सौंफ का पानी पीने के क्या फायदे हैं? (What are the benefits of drinking fennel water?)

    सौंफ का पानी आमतौर पर पेट की परेशानी दूर रखने के लिए किया जाता है। सौंफ का पानी पीने से पेट अच्छे से साफ हो जाता है। आसान शब्दों में कहा जाए तो सौंफ का पानी पेट स्वस्थ रखने में मदद करता है।

  4. सौंफ के नुकसान क्या हैं? (What are the benefits of eating fennel?)

    सौंफ का सेवन अधिक मात्रा में करने से कई नुकसान हो सकते हैं जैसे कि सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, मितली, त्वचा पर निशान आदि।

  5. क्या सौंफ त्वचा के लिए अच्छी होती है? (Is fennel good for skin?)

    सौंफ में एंटी-सेप्टिक गुण होते हैं जो त्वचा को बैक्टीरिया से दूर रखने में मदद करते हैं और साथ ही सूजन कम करने में मददगार हैं।

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