दालचीनी के फायदे- 11 स्वास्थ्य से जुड़े दालचीनी के फायदे

दालचीनी भारतीय मसालों में से सेहतमंद मसाला है। यहां से आप दालचीनी के 11 बेहतरीन फायदो के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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दालीचीनी के फायदे- दालचीनी क्या है?

दालचीनी एक तरह का मसाला है जिसको खाने में सजावट और फ्लेवर लाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। दालचीनी, दालचीनी के पेड़ सिनामोन के अंदर की स्तह से प्राप्त की जाती है। इस मसाले से कई सारे फायदे मिलते हैं। सिनामोन पेड़ से निकाली गई स्तह को दवाई के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। दालचीनी का ज्यादा इस्तेमाल खाने में डालने के लिए पॉपुलर है। मार्किट में बेचने से पहले दालचीनी को इसके पेड़ से निकालकर, सुखाकर और फिर काटकर मार्किट में बेचा जाता है। वैसे तो दालचीनी के कई सारे प्रकार हैं लेकिन खाने के लिए 4 प्रकार की दालचीनी का इस्तेमाल किया जाता है। सभी प्रकार की दालचीनी में कूमेरिन होता है जो लिवर के खराब होने का कारण बन सकता है। सीलोन दालचीनी में सबसे कम मात्रा में कूमेरिन पाया जाता है इसलिए इसका ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।

दालचीनी का ज्यादा इस्तेमाल खाने में डालने के लिए पॉपुलर है।

दालचीनी के फायदे- दालचीनी के प्रकार

दालचीनी को सूरत, रंग, खुशबू और स्वाद के आधार पर बांटा जाता है। 4 तरह की सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दालचीनी की जानकारी आप नीचे से ले सकते हैं-

1. सीलोन दालचीनी

इस तरह की दालचीनी को ट्रू दालचीनी या मैक्सिकन दालचीनी भी कह सकते हैं। सीलोन दालचीनी का पेड़ रेतीली मिट्टी में उगता है। इसकी टहनी बाकी दालचीनी के मुकाबले पतली होती है। जैसा कि आपको पहले भी बताया गया है कि इसमें कूमेरिन की मात्रा सबसे कम होती है। अगर आपको रोजाना दालचीनी का सेवन करना है तो सीलोन दालचीनी एक अच्छा ऑप्शन है।

2. इंडोनेशियन दालचीनी

इस प्रकार की दालचीनी को कोरंटजी दालचीनी या पैडंग कैसिया भी कहा जाता है। इस प्रकार की दालचीनी को लगभग 70 नोर्थ अमेरिका के लोगों के द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। इसकी टहनी मोटी, मसालेदार और स्ट्रोंग खुशबू वाली होती है। यह दालचीनी, सीलोन दालचीनी से सस्ती है।

इस प्रकार की दालचीनी को लगभग 70 नोर्थ अमेरिका के लोगों के द्वारा इस्तेमाल किया जाता है।

3. साइगॉन दालचीनी

इस तरह की दालचीनी को वियतनामी कैसिया या वियतनामी दालचीनी भी कहा जाता है। इसके स्ट्रोंग टेस्ट और खुशबू के कारण इस टाइप की दालचीनी पॉपुलर हो गई है। यह स्पाइसी और स्वीट है और साथ ही इसमें कूमेरिन की मात्रा सबसे ज्यादा होती है।

4. कैसिया दालचीनी

इस प्रकार की दालचीनी को चाइनीज दालचीनी भी कहा जाता है। इसका स्वाद हल्का कड़वा, तीखा और कम मीठा है। यह कई चाइनीज दवाइयों में इस्तेमाल की जाती है और इसकी क्वालिटी इसको उगाए जाने वाली मिट्टी पर निभर्र करती है।

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12 स्वास्थ्य से जुड़े दालचीनी के फायदे

दालचीनी को इससे होने वाले फायदे के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इससे जुड़े फायदो के बारे में विस्तार जानकारी आप नीचे से प्राप्त कर सकते हैं-

1. दवाई की खूबी

दालचीनी में यौगिक दालचीनी (cinnamaldehyde) की अधिक मात्रा होती है जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है। यह मैटाबोलिज्म अच्छा करने में मदद करती है।

2. ऑक्सीडेटिव नुकसान से सुरक्षा

दालचीनी में कई सारे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर की सुरक्षा फ्री रेडिकल से करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण इसको खाने के लिए प्राकृतिक सुरक्षा की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

दालचीनी में कई सारे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर की सुरक्षा फ्री रेडिकल से करते हैं।

3. बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन से बचाव

दालचीनी में पाया जाने वाला यौगिक दालचीनी (cinnamaldehyde) सभी तरह के वायरस से बचाव करने में मदद करता है। फंगी के द्वारा किए गए इंफेक्शन से बचाव दालचीनी के तेल से हो सकती है। शरीर में पैदा होने के बैक्टीरिया को दालचीनी का सेवन करने रोका जा सकता है। दालचीनी, एंटीमाइक्रोबियल भी होती है जिससे दातों में सड़न और सांस में बदबू नहीं आती है।

4. कैंसर से सुरक्षा

इस बात का पुख्ता सबूत नहीं है कि दालचीनी से कैंसर का इलाज हो होता है लेकिन ऐसा हो सकता है कि दालचीनी का सेवन करने से कैंसर से बचाव हो सकता है। यह कैंसर के सेल को शरीर में पैदा नहीं होने देता है और ब्लड वेसर्ल में ट्यूमर भी नहीं बनने देता है।

5. न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग से बचाव

न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग, दिमाग के द्वारा सही से काम न करने के कारण होता है। सबसे आम न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग है- अल्जाइमर और पार्किंसंस। चूहों पर किए गए अध्ययन में साबित हुआ है कि दालचीनी से न्यूरॉन्स और मोटर अच्छेसे काम करती है। इंसानों पर यह अध्ययन अभी नहीं किया गया है।

6. ब्लड शुगर को कम रखने में मदद

दालचीनी को ब्लड शुगर लेवल को कम रखने के लिए भी जाना जाता है। यह डायबटीज से गुजर रहे लोगों के लिए फायदेमंद है। दालचीनी, कार्बोहाइड्रेट को जल्दी से डायजेस्टिव ट्रैक्ट के द्वारा सोखने नहीं देती है जिससे शरीर में ग्लूकोज भी कम मात्रा में पहुंचता है।

दालचीनी को ब्लड शुगर लेवल को कम रखने के लिए भी जाना जाता है।

डायबटीज के लिए दालचीनी
इंसानों पर कई अध्ययन किए गए हैं जिसमें यह साबित हुआ है कि इंसानों पर दालचीनी का एंटी डायबटिक असर होता है।

7. हार्मोन इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता में सुधार

कई लोगों के शरीर में इंसुलिन बनने में बाधा आती है। इंसुलिन शरीर में मैटाबोल्जिम को सामान्य बनाए रखता है और एनर्जी का इस्तेमाल करता है। साथ ही ब्लड शुगर को सेल तक पहुंचाता है। जिन लोगों के शरीर में इंसुलिन नहीं बन पाता है उन लोगों को मैटाबोलिक सिंड्रोम या फिर टाइप 2 डायबटीज होने का खतरा रहता है।

दालचीनी इंसुलिन बनने वाली बाधा को हटाने में मदद करता है और शरीर में इंसुलिन की गतिविधी को सुधारने में मदद करता है।

8. दिल की बीमारी होने के कम आसार

दालचीनी को दिल की बीमारी से बचाव करने के लिए भी जाना जाता है। 1 ग्राम या फिर ½ चम्मच रोजाना दालचीनी खाने से खून बनने में मदद मिलती है। साथ ही दालचीनी शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को शरीर में बनाए रखने में मदद करता है। एक अध्ययन में इस बात को प्रूफ किया गया है। जानवरों पर किए गए अध्ययन में यह पता चला है रि दालचीनी से ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है। यह फायदे एक साथ मिलकर दिल की बीमारी होने के आसार को कम कर देते हैं।

9. एंटी- इंफ्लामेट्री की खूबी

एंटी- इंफ्लानेट्री खूबी शरीर को इंफेक्शन से लड़ने में मदद करती है और खराब हुए टिश्शू को सही करने में भी मदद करती है। दालचीनी का सेवन करने से ऐसे परेशानी नहीं होती है।

10. आंखों की दिक्कत का हल

कुछ अध्ययन के अनुसार दालचीनी आंखों के लिए लाभदायक है। यह आंख आने पर और सूखी आंखों के लिए लाभदायक है। इसको अकेले भी खाया जा सकता है और किसी और जड़ी- बूटी के साथ भी खाया जा सकता है।

11. कीडों को दूर भगाने के लिए

2013 में हुए एक अध्ययन, औषधीय एन्टोमोलॉग (medicinal entomology) में साबित किया गया है कि दालचीनी का तेल कीडों को दूर भगाने में मदद करता है।

दालचीनी के फायदे- कितनी मात्रा में रोजाना दालचीनी का सेवन करना चाहिए?

अभी तक इस बात का पुख्ता सबूत नहीं है कि दालचीनी कई बीमारी से लड़ने में मदद करती है। जिस कारण इसका कितना सेवन करना चाहिए यह तय नहीं किया गया है। लेकिन ½ से 1 चम्मच रोजाना दालचीनी खाना फायदेमंद है। और यह बात तो हम सबको अच्छे से पता है कि किसी भी चीज के फायदे लेने के लिए उसको सही मात्रा में ही लेना चाहिए। किसी भी चीज का सेवन अधिक मात्रा में करने से उसके नुकसान ही मिलते हैं।

½ से 1 चम्मच रोजाना दालचीनी खाना फायदेमंद है।

दालचीनी के फायदे- रोजाना दालचीनी खाने के नुकसान

दालचीनी एक सेहतमंद मसाला है। इससे आपको कोई नुकसान नहीं हो सकता है जब तक आप इसका सेवन सही मात्रा में कर रहे हैं। लेकिन अगर आप इसका सेवन सही मात्रा में नहीं कर रहे हैं तो आपको यह सारे नुकसान हो सकते हैं जिसकी जानकारी आप नीचे से ले सकते हैं-

  • अधिक मात्रा में दालचीनी का सेवन करने से मुंह और होठ पर जलन हो सकती है।
  • कुछ लोगों को दालचीनी से एलर्जी भी हो सकती है।
  • अगर इसको सीधा त्वचा पर लगा लिया जाए तो जलन और लाल धब्बे भी हो सकते हैं।
  • कैसिया दालचीनी का सेवन ज्यादा मात्रा में करने से लिवर की परेशानी से गुजर रहे लोगों को दिक्कत हो सकती है।
  • अगर डायबटीज से गुजर रहे लोगों को दालचीनी का सेवन करना है तो उससे पहले डॉक्टर से जरुर सलाह लें। क्योंकि दालचीनी में प्राकृतिक रुप ब्लड शुगर लेवल कम करने की खूबी होती है।
  • गर्भवति महिलाएं बिना किसी की सलाह लिए बिना दालचीनी का सेवन न करें।

आखिर में

दालचीनी एक सेहतमंद मसाला है जिसका सेवन सही मात्रा में करना चाहिए। इस आर्टिकल से आपको दालचीनी के फायदो के साथ- साथ इसके नुकसान के बारे में भी पता चल गया होगा इसलिए दालचीनी के फायदे लेने के लिए इसका सेवन सही मात्रा में ही करें।

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