डाबर हनीटस मधुवाणी रिव्यू (Dabur Honitus Madhuvaani Review – Mishry)
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डाबर हनीटस मधुवाणी रिव्यू (Dabur Honitus Madhuvaani Review – Mishry)

सूखी खांसी, गले में खराश, छाती में जमाव? आप आयुर्वेदिक कफ सिरप, डाबर हनीटस मधुवाणी ट्राई कर सकते हैं।

कोई भी मेडिकल बॉक्स सुपर स्वीट चैरी फ्लेवर कफ सिरप के बिना पूरा नहीं होता है। जितनी जल्दी यह सिरप खांसी/ जुकाम से राहत दिलाने में मदद करती है, क्या आपने कभी सोचा है ऐसा कैसे होता है?

ओटीसी (OTC) कफ सिरप में आमतौर पर एंटीथिस्टेमाइंस होते हैं जैसे कि डिपेनहाइड्रामाइन, क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और डॉक्सिलमाइन सक्सिनेट आदि। एंटीथिस्टेमाइंस ड्रग्स हैं जिसका इस्तेमाल एलर्जी के इलाज के लिए किया जाता है।

यह एक कारण हो सकता है कि लोग घरेलू उपाय क्यों अपनाते हैं। दिमाग तेज़ करने के लिए? शहद में भीगे हुए बादाम। खराश में आराम? गर्म पानी में शहद मिक्स करना। हर बार डाबर हनी ने क्वालिटी और स्वाद बरकरार रखा है। इस ब्रांड का जब हमारे सामने आयुर्वेदिक कफ सिरप आया तो हमें पता था कि इसका रिव्यू करना जरूरी है।

हमारा अनुभव डाबर हनीटस काढ़ा के साथ लाजवाब था, तो इस प्रोडक्ट के साथ भी हमारी उम्मीदें थी। डाबर हनीटस मधुवाणी रिव्यू में आप हमारे अनुभव के बारे में जान सकते हैं। 

संबंधित रिव्यू- हमने डाबर तुलसी ड्राप्स को 4.75 मिश्री दिए हैं!

डाबर हनीटस मधुवाणी से जुड़ी जरूरी बातें

डाबर हनीटस मधुवाणी रिव्यू
डाबर हनीटस मधुवाणी एचडीपीई जार में आती है

डाबर हनीटस मधुवाणी से जुड़ी जरूरी फैक्टर के बारे में इस सेक्शन से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

1. पैकेजिंग

यह आयुर्वेदिक कफ उपाय बड़े मुंह वाले एचडीपीई (HDPE) जार में आता है।

2. मुख्य सामग्री

एक चम्मच (5 एमएल) बनाने के लिए साइटोपलादि, इलायची, वामसालोचन, दालचीनी, मधु, चीनी और जेल बेस का उपयोग किया गया है।

सोडियम मिथाइल पैराबेन आईपी, सोडियम बेंजोएट आईपी, और पोटेशियम सॉर्बेट आईपी इस्तेमाल किए जाने वाले प्रेज़रवेटिव हैं।

इस कफ मिश्रण के कंपोजीशन की विस्तार से जानकारी नीचे दी गई है।

3. स्वाद

इस रिव्यू के लिए स्वाद मुख्य फैक्टर नहीं है क्योंकि यह दवाई है जिसे खांसी और इससे जुड़े लक्षणों का इलाज किया जाता है।

आमतौर पर कफ सिरप का स्वाद मीठा होता है। वहीं दूसरी तरफ, आयुर्वेदिक मिश्रण का इंटेंस तीखा और तेज़ फ्लेवर होता है। इस आयुर्वेदिक कफ रेमेडी में सबसे ज्यादा क्या है?

4. खुशबू

सामग्री लिस्ट के अनुसार, इस कफ रेमेडी में सितोपलादि का इस्तेमाल किया गया है। काली मिर्च, दालचीनी, इलायची कुछ मुख्य सामग्री है जिसकी मदद से सितोपलादि बनाई जाती है। क्या यह खुशबूदार सामग्री महसूस हो रही थी या सिरप की औद्योगिक महक है?

5. रंग

डाबर हनीटस मधुवाणी देखने में कैसी है? गहरा लाल या भूरा?

6. स्थिरता

क्या मिश्रण की स्थिरता पतली है या जमी हुई है?

7. आफ्टर टेस्ट

क्या आयुर्वेदिक मिश्रण का आफ्टर टेस्ट है? अगर हां, क्या यह कड़वा है या सहन करने लायक है?

8. कीमत

150 ग्राम की कीमत 99/- रुपए है।

9. शेल्फ लाइफ

इसकी शेल्फ लाइफ 2 साल है।

डाबर इम्यूनिटी किट रिव्यू यहां से पढ़ें।

डाबर हनीटस मधुवाणी रिव्यू

डाबर हनीटस मधुवाणी प्रोडक्ट की जानकारी
कीमत 99/- रुपए
मुख्य सामग्री सितोपलादि चूर्ण (त्वक, सूक्ष्मैला, पिप्पली, वंश), शर्करा
शेल्फ लाइफ 2 साल

 

इसे बिना नींद से भरे फॉर्मूला से बनाया गया है, यह कफ रेमेडी एचडीपीई कंटेनर में पैक किया गया है। एचडीपीई (हाई-डेंसिटी पॉलीथीन) जंग-रहित है और कैमिकल के प्रति रिएक्ट नहीं करता है। यह न केवल शून्य लीचिंग सुनिश्चित करता है बल्कि रीसाइकिलेबल भी है।

इसकी हर्बल खुशबू है और स्थिरता पतली है। इस आयुर्वेदिक मिश्रण का रंग गहरा भूरा है जिसमें बहुत बारीक हर्ब्स और मसाले के कण हैं। जैसा हमें लग रहा था, डाबर हनीटस मधुवाणी में स्पाइसी स्वाद है। इसमें मिठास भी है। यह कड़वा नहीं है और ना ही इसका स्वाद औद्योगिक या आर्टिफिशियल है।

‘बिना-नींद वाला फॉर्मूला’ का दावा संतोषजनक है। इसके साथ ही, इससे गले में खराश और खांसी में आराम मिलने में मदद मिली थी।

इसके साथ ही डाबर हनीटस मधुवाणी का सेवन सलाह के अनुसार, गर्म पानी में पीना, गर्म खाना और पौष्टिक खाने का सेवन करने का ध्यान रखें।

डाबर हनीटस मधुवाणी में क्या है?

इस मिश्रण में मिठास के इस्तेमाल के लिए ब्रांड की सराहना करना चाहेंगे। शुगर के साथ गुड़ और मिश्री का भी उपयोग किया गया है। हालांकि तीनों सामग्री में कैलोरी की मात्रा लगभग एक जैसी है लेकिन इसके बावजूद गुड़ से आयरन मिलता है, शुगर के रूप में मिश्री सबसे सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि इससे गले में खराश, खांसी और जुकाम का इलाज करने में मदद मिलती है।

सितोपलादि चूर्ण – इसे बनाने के लिए आयुर्वेद के द्वारा सामग्री की मात्रा की सलाह दी गई है जिसमें मिश्री, वंक्षलोचना (बैम्बू ट्री में पाया जाने वाला सफेद हिस्सा), काली मिर्च, इलायची और दालचीनी का इस्तेमाल किया जाता है। यह पांच कंपाउंड बायोएन्हांसर्स, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेट्री खूबियों की तरह काम करते हैं।

एलर्जी से लेकर इंफेक्शन तक, सितोपलादि चूर्ण एक विश्वसनीय रेमेडी है।

दालचीनी में कूमेरिन की मात्रा, काली मिर्च में पाइपर लोंगम एंड पिप्पली, इन सभी को जमाव, खासी, गले और सांस से जुड़ी तकलीफ में आराम पहुंचाने के लिए जाना जाता है।

डाबर हनीटस मधुवाणी कटोरी में
डाबर हनीटस मधुवाणी रिव्यू
डाबर हनीटस मधुवाणी कटोरी में पास से
डाबर हनीटस मधुवाणी का रंग गहरा भूरा है
डाबर हनीटस मधुवाणी टेबल पर
डाबर हनीटस मधुवाणी
डाबर हनीटस मधुवाणी चम्मच में
डाबर हनीटस मधुवाणी जैम जैसी स्थिरता है

विशेषताएं

  • कफ रेमेडी जार एचडीपीई जार में पैक किया गया है।
  • 150 ग्राम जार की कीमत 99/- रुपए है।
  • इसकी शेल्फ लाइफ 2 साल है।
  • मुख्य सामग्री – सितोपलादि चूर्ण 28 ग्राम (संदर्भ शारंगधारा संहिता, मध्यम खंड अध्याय-6; त्वक के चूर्ण से तैयार (सिनामोमम ज़ेलेनिकम, सेंट बीके) 0.903 ग्राम, सुक्समेला (एलेटारिया इलायची एसडी) 1.806 ग्राम, पिप्पली (पाइपर लोंगम, फादर) 3.613 , वामशा (बंबुसा, बम्बोस एससी) 7.226 ग्राम, सितोपाला 14.452 ग्राम), सुक्समेला (एलेटारिया इलायची एसडी) 500 मिलीग्राम, वामशा (बंबुसा बम्बोस, एससी) 770 मिलीग्राम, त्वाक (सिनामोमम ज़ेलेनिकम, सेंट बीके।) 390 मिलीग्राम और मधु 20.0 जी, शरकारा 25.5 ग्राम, सहायक पदार्थ क्यूएस।

अच्छी बातें

  • ‘नॉन- ड्राउज़ी’ दावे को पूरा किया है।
  • इसमें औद्योगिक खुशबू या स्वाद नहीं है।
  • इससे गले की खराश में आराम मिलता है। हमारे अनुभव के अनुसार, हम कह सकते हैं कि यह असरदार है।

किसके लिए बेस्ट है

गले में खराश? जमाव? खांसी? डाबर की यह हर्बल रेमेडी आपकी मदद कर सकती है। अगर आपको फ्लू जैसे लक्षण हैं तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

FAQs

डाबर हनीटस मधुवाणी से जुड़े दिलचस्प सवालों के जवाब यहां से प्राप्त कर सकते हैं।

1. क्या डाबर हनीटस में प्रेज़रवेटिव है?

हां, इसमें सोडियम मिथाइल पैराबेन आईपी, सोडियम बेंजोएट आईपी, और पोटेशियम सॉर्बेट आईपी है।

2. क्या डाबर हनीटस में एडेड स्वीटनर है?

इसमें शुगर, गुड़ और मिश्री है।

3. क्या डाबर हनीटस शुगर फ्री है?

नहीं, इसमें शुगर के रूप में टेबल शुगर, गुड़ और मिश्री है।

4. क्या हनीटस का सेवन सुबह खाली पेट किया जा सकता है?

इसके बारे में विशेषज्ञ से संपर्क करें।

आखिर में

डाबर हनीटस मधुवाणी हल्की खासी और गले की खराश में असरदार है। इस हर्बल रेमेडी के साथ हम गर्म पानी, सूप, हल्दी दूध आदि का भी सेवन कर रहे थे।

अगर आपकी खांसी लंबे समय से नहीं जा रही है तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। खुद से दवाई ना लें।

*अगर आप हमारे रिव्यू से सेहमत हैं तो लाइक करें और अगर नहीं तो बताएं क्यों।

*अगर आप कोई प्रोडक्ट रिव्यू करवाना चाहते हैं तो यहां बताएं

*फूड एंड बेवरेज में रोज़ाना कुछ न कुछ नया आता रहता है। हमारे रिव्यू आपको किचन का सामान खरीदनें में मदद करेंगे।

*हमारे रिव्यू निष्पक्ष हैं और रिव्यू के लिए सभी प्रोडक्ट हमारे द्वारा खरीदें गए हैं। इससे जुड़ी सारी जानकारी आप यहां से पढ़ सकते हैं

*इस रिव्यू के लिए किसी भी ब्रांड ने स्पान्सर नहीं किया है। सभी खर्चा हमारे द्वारा किया गया है।

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