हल्दी के फायदे | Benefits Of Turmeric (Haldi Ke Fayde)
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हल्दी के फायदे | Benefits Of Turmeric (Haldi Ke Fayde)

हल्दी के फायदे (Benefits Of Turmeric) शरीर के अधिकतर अंग को मिलते हैं। क्या आपको पता है हल्दी के गुण इसमें मौजूद करक्यूमिन नाम के कैमिकल से आते हैं। करक्यूमिन क्या है से भी जुड़ी पूरी जानकारी यहां से प्राप्त कर सकते हैं।

हल्दी के फायदे आयुर्वेद के समय से जाने जाते हैं जिस कारण हल्दी के फायदे नज़रअंदाज नहीं किए जा सकते हैं। किसी न किसी तरीके से हल्दी के गुण हमें असर करते हैं। हल्दी (haldi), एंटी- बैक्टीरियल, एंटी- इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट खूबी के साथ आती है। हल्दी एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक्स है। आपको बता दें कि हल्दी के अधिकतर गुण इसमें मौजूद करक्यूमिन नाम के कैमिकल के कारण मौजूद हैं। क्या हल्दी और करक्यूमिन एक होते हैं? इसका पीला रंग इसी के कारण है। हल्दी को करीब 4000 साल से ज्यादा समय से सेहत और सुंदरता के फायदों के लिए इस्तेमाल की जा रही है। और इसके बैलेंस स्वाद के कारण हल्दी (haldi) ने हर भारतीय किचन में अपनी खास जगह बना ली है। हल्दी क्या है, करक्यूमिन क्या है, हल्दी के फायदे (haldi ke fayde), हल्दी का इस्तेमाल कैसे-कैसे किया जा सकता है से जुड़ी सारी जानकारी इस आर्टिकल से प्राप्त कर सकते हैं।

 

वीडियो – हल्दी के फायदे (Haldi Ke Fayde)

 

https://www.youtube.com/watch?v=Qfzrb7uV_V8&t=7s
हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) यहां से देखें।

 

हल्दी क्या है? (Turmeric Meaning In Hindi)

हल्दी भारतीय वनस्पति है। यह जिंजीबरेसी परिवार की सदस्य है। हल्दी के पौधे बाहर से हरे-भरे होते हैं और इसके पत्तों का साइज केलों के पत्तों जितना होता है। यह अदरक की प्रजाति का 5-6 फुट तक बढ़ने वाला बारहमासी पौधा है जिसकी जड़ की गाठों में फल पैदा होता है जिसे हल्दी (haldi) के नाम से जाना जाता है।

इसका लैटिन नाम करकुमा लौंग है। इसका अंग्रेजी नाम टरमरिक है। इसका पारिवारिक नाम जिन्जिबरऐसे है।

आयुर्वेद के समय हल्दी के औषधीय गुण इस्तेमाल किया जा रहे हैं। हल्दी के गुण आज भी उतने ही महत्तवपूर्ण हैं। अधिकतर लोग हल्दी का उपयोग खाने में रंग लाने के लिए करते हैं वहीं कई लोग हल्दी के गुण सुंदरता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

 

करक्यूमिन क्या है? (Curcumin Meaning In Hindi)

आपने कई बार सुना होगा कि हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) अधिकतर इसमें मौजूद करक्यूमिन नाम के कैमिकल से आते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि करक्यूमिन क्या होता है? यहां से आप करक्यूमिन के बारे में आसान शब्दों में समझ सकते हैं।

करक्यूमिन को हल्दी (haldi) में पाया जाने वाला सबसे महत्तवपूर्ण और एक्टिव कैमिकल माना जाता है। हल्दी को अपना रंग करक्यूमिन के कारण ही मिलता है। करक्यूमिन फंगल का जन्म नहीं होने देता है और साथ ही टिशू में सूजन नहीं आने देता है। सही मात्रा में करक्यूमिन का सेवन करने से गठिया, भूलने की बीमारी, पागलपन जैसी बीमारियों से बचाव रहता है। इसके साथ ही करक्यूमिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-फंगल और ब्लड शुगर लेवल कम करने की खूबी है। जो लोग टाइप 2 डायबिटीज से गुजर रहे हैं उन लोगों के लिए हल्दी के गुण महत्तवूपर्ण हैं। आपको बता दें कि बेस्ट हल्दी ब्रांड वही है जिसमें करक्यूमिन की मात्रा ज्यादा होती है।

आसान शब्दों में कहा जाए तो अभी तक ऐसा कोई भी अध्ययन नहीं हुआ है जिसमें हल्दी को करक्यूमिन या फिर करक्यूमिन को हल्दी से ऊपर रखा गया है। सही मात्रा में हल्दी (haldi) का सेवन करने से करक्यूमिन के फायदे 8-12 हफ्तों के अंदर दिखाई देने लग जाते हैं। अब जब आपको पता चल गया है कि हल्दी और करक्यूमिन क्या हैं तो आइए अब बात हल्दी के फायदे (benefits of haldi in hindi) की करते हैं।

 

हल्दी के गुण इसमें मौजूद करक्यूमिन के कारण होते हैं।

 

हल्दी के फायदे (Benefits Of Turmeric In Hindi)

ज़रा सोचिए कि हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) आयुर्वेद के समय से बहुत पॉपुलर हैं, तब से लेकर अब तक हल्दी के फायदे कितने सारे हो गए होंगे। यहां पर हमने हल्दी के गुण के बारे में विस्तार से बात की है। यहां से आप हल्दी के फायदे सेहत के लिए, हल्दी के गुण त्वचा और बालों के लिए से जुड़ी विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

 

हल्दी के फायदे सेहत के लिए (Benefits Of Turmeric For Health In Hindi)

सबसे पहले बात करते हैं हल्दी के फायदे सेहत के लिए। भारत में अधिकतर घरों में हल्दी का उपयोग खाने में रंग और स्वाद लाने के लिए किया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) सेहत के लिए कैसे लाभदायक हैं? नीचे से आप हल्दी के फायदे (benefits of haldi in hindi) सेहत के लिए से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

हल्दी के फायदे एंटी-इंफ्लेमेटरी खूबी देते हैं (Turmeric Is Anti-Inflammatory In Nature)

हल्दी के फायदे इसमें मौजूद करक्यूमिन नाम के कैमिकल के कारण आते हैं। पुराने जमाने में फौजियों के जख्मों को ठीक करने के लिए हल्दी का लेप लगाया जाता था। एंटी-इंफ्लेमेटरी खूबी होने के कारण इसको गठिया के दर्द में आराम देने के लिए लाभदायक माना जाता है। यह जोडों की सूजन कम करने में मदद करती है जिससे दर्द में आराम मिलता है। हल्दी के गुण बढ़ाने के लिए इसको अधिकतर हर सब्जी में रंग, स्वाद और फायदे के लिए डाला जाता है।

हल्दी के गुण पाचन शक्ति को स्वस्थ रखते हैं (Turmeric Benefits Helps To Maintain Healthy Digestion In Hindi)

हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट के कारण सबसे ज्यादा पाए जाते हैं। पेट में गैस या अपचन होने पर हल्दी के गुण बहुत काम आते हैं। कई बार हम कुछ ऐसा खा लेते हैं जिसमें एसिड होता है, चाहे एसिड बहुत कम मात्रा में हो लेकिन यह गैस बनाने के लिए काफी है। ऐसी स्थिति में हल्दी के गुण पेट को स्वस्थ रखने में बहुत काम आते हैं।

हल्दी का उपयोग लिवर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करता है (Turmeric Benefits Helps In Detoxifies Liver In Hindi)

जब भी किसी को लिवर से जुड़ी दिक्कत होती है उन लोगों को डाइट में हल्दी का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। हल्दी के औषधीय गुण शरीर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करते हैं। मेरीलैंड मेडिकल सेंटर यूनिवर्सिटी के अनुसार करक्यूमिन पित्त मूत्राशय में बाइल प्रोड्यूज को बढ़ाता है और इन्हीं बाइल की मदद से लिवर में महत्तवपूर्ण सेल का जन्म होता है जो लिवर के हानिकारक तत्व को खत्म करने में मदद करते हैं। हल्दी का उपयोग करने से लिवर स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

 

Aids In Weight Loss
हल्दी के गुण लिवर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करते हैं।

हल्दी के गुण स्वस्थ दिल रखने में मदद करते हैं (Benefits Of Turmeric For Heart Health In Hindi)

आज के ज़माने में दिल से जुडी बीमारियां आम बात हो गई हैं। और इसका मुख्य कारण ब्लड वेसल्स में जलन है जो शरीर में खून ले जाने का काम करती हैं। करक्यूमिन का मुख्य काम ब्लड वेसल्स पर जमी हुई परत हटाने का और सूजन में आराम देने का है। यह ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाए रखने के लिए जरुरी है जिससे दिल की बीमारी होने की आशंका कम हो जाती है। दिल को स्वस्थ रखने वाले खाने में हल्दी का उपयोग होना जरुरी है।

हल्दी के फायदे मूड में सुधार करने में मदद करते हैं (Turmeric Benefits As Mood Enhancer In Hindi)

हल्दी (haldi) में पाया जाने वाला करक्यूमिन दिमाग को स्वस्थ रखने वाले प्रोटीन बीडीएनएफ, दिमाग को डिप्रेशन से बचाकर रखता है। करक्यूमिन खुशी देने वाले होर्मोन जैसे कि सेरोटोनिन और डोपामीन को बढ़ाने में मदद करता है जिससे मूड में सुधार होने में मदद मिलती है। जो लोग मनोवैज्ञानिक परेशानी से गुजर रहे हैं उन लोगों को हल्दी के गुण बहुत काम आते हैं। इसलिए अपनी डाइट में हल्दी का उपयोग अवश्य करना चाहिए।

हल्दी का उपयोग वजन कम करने के लिए किया जाता है (Benefits Of Turmeric Helps In Weight Loss In Hindi)

करक्यूमिन खुशी देने वाले होर्मोन जैसे कि सेरोटोनिन और डोपामीन को बढ़ाने में मदद करता है जिससे मूड में सुधार हो जाता है और चिंता कम होने में मदद मिलती है। चिंता कम होने से फैट भी बर्न होता है। चिंता पैदा करने वाले होर्मोन के कम होने से वजन भी कम हो जाता है। हल्दी के सेवन के साथ बैलेंस डाइट और रोजाना कसरत करना भी जरुरी है।

हल्दी के गुण सोचने की क्षमता में सुधार करने में मदद करते हैं (Benefits Of Turmeric Improves Cognitive Ability In Hindi)

हल्दी (haldi) में पाया जाने वाला कैमिकल करक्यूमिन शरीर में प्रोटीन अब्जॉर्ब करने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। सभी हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) में से यह सबसे जरुरी है क्योंकि प्रोटीन दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद करता है। सही मात्रा में प्रोटीन का सेवन करने से न्यूरॉन सेल की संख्या बढ़ती है जिससे सेरोटोनिन और डोपामीन होर्मोन (खुशी देने वाले होर्मोन) आसानी से शरीर में प्रवेश हो जाते हैं। रोजाना सही मात्रा में हल्दी का उपयोग करने से दिमाग सेहतमंद रहता है।

 

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हल्दी के गुण की मदद से दिमाग में स्वस्थ प्रोटीन पैदा होते हैं जो दिमाग को स्वस्थ रखते हैं।

हल्दी के फायदे स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल रखने में मदद करते हैं (Turmeric Benefits For Healthy Cholesterol In Hindi)

हाई कोलेस्ट्रॉल होने के कारण फ्री रेडिकल का खतरा बढ़ जाता है जिससे ब्लड वेसल्स में सूजन होने लगती है और खून का बहाव तेज़ी से होने लगता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने का मतलब है खून में खराब कोलेस्ट्रॉल का ज्यादा होना। यहां पर हल्दी के गुण जैसे कि एंटी-इंफ्लेमेटरी काम आता है। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा सामान्य बनाए रखने में मदद करता है। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहने से कई सारी बीमारियां कंट्रोल में रहती है खासतौर से दिल की बीमारी। जिस कारण से हल्दी का उपयोग हर किसी की डाइट में किसी ना किसी रूप से जरुरी होना चाहिए।

हल्दी के फायदे प्राकृतिक एंटीसेप्टिक के रूप में भी प्राप्त होते हैं (Turmeric Can Be Used As Natural Antiseptic)

हल्दी का उपयोग पहले के ज़माने में घाव पर मलहम की तरह इस्तेमाल किया जाता था। फौजियों की चोट पर हल्दी (haldi) का लेप लगाया जाता था क्योंकि हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी से सुरक्षा देने में मदद करते हैं। हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) फ्री रेडिकल कम करने में भी मदद करते हैं। जो बीमारी फैला सकते हैं।

हल्दी दूध के फायदे (Benefits Of Turmeric Milk In Hindi)

चोट या घाव होने पर सबसे पहले हल्दी का दूध पीने की सलाह दी जाती है। क्या आपको पता है हल्दी दूध के फायदे (haldi wala doodh) क्या हैं? हल्दी दूधी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-सेप्टिक आदि गुण होने के कारण घाव भरने के लिए इस्तेमाल की जाती है। हल्दी दूध के फायदे खांसी, जुकाम, स्ट्रोंग इम्युनिटी, जोड़ों में दर्द, खून साफ, स्वस्थ लिवर आदि हैं।

 

हल्दी दूध के फायदे से खांसी, जुकाम आदि में आराम मिलता है।

हल्दी का उपयोग मासिक धर्म के दर्द में किया जाता है (Turmeric Helps To Reduce Menstrual Pain In Hindi)

प्राचीन काल में भारत और चीन में मासिक धर्म में होने वाले दर्द से आराम पाने के हल्दी का उपयोग किया जाता था। मासिक धर्म में महिलाओं को पेट, कमर, पैरों में दर्द होता है। इस दर्द से राहत पाने के लिए हल्दी का दूध (haldi wala doodh) या फिर अदरक की चाय का सेवन किया जाता है जिससे दर्द में राहत मिलने में मदद मिलती है।

 

हल्दी के फायदे त्वचा के लिए (Benefits Of Turmeric For Skin In Hindi)

हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) सेहत के लिए सदियों से इस्तेमाल किए जा रहे हैं लेकिन आपको बता दें कि हल्दी के गुण त्वचा के लिए भी कई सारे हैं। रोजाना डाइट में हल्दी का उपयोग करने से आपको हल्दी (haldi) के कई सारे फायदे प्राप्त हो सकते हैं।

हल्दी का उपयोग डार्क सर्कल्स हलके करने के लिए किया जाता है (Benefits Of Turmeric Helps Lightens Dark Circles In Hindi)

हल्दी को त्वचा पर लगाने के बाद त्वचा से डेड सेल हट जाते हैं। हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी खूबी है जिससे डार्क सर्कल्स हलके हो जाते हैं। हल्दी लगाने के बाद त्वचा जवान और चमकदार हो जाती है। डार्क सर्कल्स कम करने के लिए हल्दी के गुण बहुत लाभदायक हैं।

कैसे करें इस्तेमाल

इसके लिए आपको हल्दी, दही और नींबू के रस की जरुरत है।

सबसे पहले 2 चम्मच हल्दी लें और इसमें 1 चम्मच दही डालें। अब इन दोनों में नींबू की कुछ बूंदे डालें। तीनों चीजों को अच्छे से मिक्स कर लें। अब इस मिश्रण को चेहरे पर 15-20 मिनट लगाएं और फिर पानी से धो लें। हल्दी के उपयोग से आपकी त्वचा से डेड सेल निकल जाएंगे जिससे डार्क सर्कल्स कम होने में मदद मिलती है।

हल्दी के गुण मुंहासों से बचाते हैं (Benefits Of Turmeric Prevents Acne In Hindi)

मुंहासों के लिए हल्दी के फायदे (benefits of haldi in hindi) कई सारे हैं। हल्दी को त्वचा पर लगाने के बाद त्वचा पर एक परत बन जाती है जो बाहर के बैक्टीरिया से बचाव करती है। हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) बढ़ाने के लिए आप इसको सेब के सिरके में मिलाकर लगा सकते हैं। हल्दी का उपयोग त्वचा से कील- मुंहासों को कम करने के लिए किया जाता है। हल्दी के गुण की मदद से चेहरे की सूजन, निशान भी कम हो जाते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल

इसके लिए दो चम्मच हल्दी पाउडर (turmeric powder in hindi) और आधा नींबू की जरुरत है।

नींबू का रस निकाल लें और इसमें हल्दी पाउडर मिला लें और पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे पर 30 मिनट के लिए लगाकर रखें और सूखने का इंतजार करें। पेस्ट सूखने के बाद चेहरे को पानी से धो लें। इस पेस्ट को आप 2 दिन में एक बार लगा सकते हैं।

 

हल्दी का उपयोग मुंहासें कम करने के लिए किया जाता है।

हल्दी का उपयोग झुर्रियां कम करने के लिए (Benefits Of Turmeric For Wrinkles In Hindi)

चेहरे पर झुर्रियां, कील, मुंहासें आदि परेशानियां फ्री रेडिकल के कारण होती है। हल्दी के फायदे (benefits of haldi in hindi) इसमें मौजूद करक्यूमिन के कारण जाने जाते हैं जिसमें एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल को खत्म करने में मदद करते हैं। अगर त्वचा फ्री रेडिकल से फ्री रहेगी तो झुर्रियां भी कम होंगी। हल्दी का उपयोग झुर्रियां कम करने के लिए आप ऐसे कर सकते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल

इसके लिए आपको 1/4 चम्मच हल्दी (haldi) पाउडर और एक चम्मच योगर्ट की जरुरत है।

हल्दी और योगर्ट का पेस्ट को अच्छे से मिक्स कर लें। इस मिश्रण को चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगाएं और फिर पानी से अच्छे से चेहरा धो लें। इस पेस्ट का आप हफ्ते में 2-3 बार लगा सकते हैं।

हल्दी का उपयोग त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने के लिए किया जाता है (Benefits Of Turmeric Helps In Moisturizing Skin In Hindi)

हल्दी को त्वचा पर लगाने से यह त्वचा को मॉइस्चराइज़ कर देता है। इसके साथ ही यह त्वचा से डेड सेल निकाले का काम भी करता है जिससे त्वचा में चमक आ जाती है। हल्दी (haldi) का पेस्ट लगाने से यह वातावरण से नमी लेकर त्वचा में नमी देता है जिससे त्वचा मॉइस्चराइज़ रहती है।

कैसे करें इस्तेमाल

इसके लिए आपको हल्दी पाउडर (haldi powder in hindi) और दही की जरुरत है।

हल्दी पाउडर और दही को अच्छे से मिक्स कर लें और फिर चेहरे पर लगाएं। हर दूसरे दिन हल्दी का लेप लगाने से त्वचा में नमी बरकरार रहती है।

हल्दी का उपयोग सनबर्न के लिए (Benefits Of Turmeric For Sunburn In Hindi)

जब त्वचा सूरज की किरणों के सीधे संपर्क में आती है जब त्वचा में जलन होने लग जाती है। इसके साथ ही त्वचा का रंग दब जाता है। यह आमतौर पर कड़कती गर्मियों में होता है। सनबर्न और टैन को हटाने के लिए हल्दी का उपयोग किया जा सकता है।

कैसे करें इस्तेमाल

इसके लिए आपको 1 चम्मच हल्दी पाउडर, 1 चम्मच एलोवेरा जेल और एक चम्मच शहद की जरुरत है।

हल्दी पाउडर, एलोवेरा जेल और शहद को एकसाथ अच्छे से मिक्स कर लें। इस मिश्रण को सनबर्न वाली त्वचा पर लगांए। 30 मिनट के लिए इस मिश्रण को अपनी त्वचा पर लगाएं और फिर ठंडे पानी से त्वचा को धो लें। इस मिश्रण को लगाने पर त्वचा में जलन से आराम मिलेगा।

हल्दी के फायदे स्ट्रेच मार्क्स के लिए (Benefits Of Turmeric For Stretch Marks In Hindi)

हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के कारण इसको त्वचा के लिए इस्तेमाल किया जाता है। बच्चे को जन्म देने के बाद महिलाओं के शरीर में स्ट्रेच मार्क्स हो जाते हैं। इन खिचांव के निशान को कम करने के लिए हल्दी का उपयोग किया जा सकता है।

कैसे करें इस्तेमाल

इसके लिए आपको हल्दी पाउडर और एक चम्मच योगर्ट की जरुरत है।

हल्दी पाउडर और योगर्ट का गाढ़ा पेस्ट बना लें और खिचांव के निशान पर 10-15 मिनट के लिए रखें और फिर धो लें। इस पेस्ट को आप एक दिन छोड़कर लगा सकते हैं।

 

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हल्दी के फायदे स्ट्रेच मार्क्स के लिए बहुत काम आते हैं।

हल्दी का उपयोग फटी एड़ियों के लिए (Benefits Of Turmeric For Healing Crack Heals In Hindi)

जितना चेहरे का ध्यान देना जरुरी है उतना ही पैरों का भी ध्यान देना जरुरी है। और इसका ध्यान देने के लिए हल्दी के गुण आपके काम आ सकते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल

इसके लिए आपको तीन चम्मच हल्दी पाउडर और नारियल तेल की कुछ बूंदों की जरुरत है।

हल्दी पाउडर और नारियल के तेल को अच्छे से मिक्स कर लें और इस पेस्ट को फटी एंडियों पर लगाएं और 30 मिनट के लिए लगे रहने दें। इस पेस्ट को आप फटी एड़ियों पर रोजाना लगा सकते हैं।

 

हल्दी के फायदे बालों के लिए (Benefits Of Turmeric For Hair in Hindi)

हल्दी के फायदे बालों का झड़ना कम करते हैं (Benefits Of Turmeric For Healthy Hair Growth In Hindi)

सूखी और खुजली वाली त्वचा के लिए हल्दी को काफी लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हल्दी में पाया जाने वाला कैमिकल करक्यूमिन में एंटी- माइक्रोबियल और एंटी- इंफ्लेमेटरी की खूबी होती है जिस कारण यह बालों की जडों को मजबूत बनाता है और रूसी होने नहीं देता है। ½ हल्दी चम्मच हल्दी में 3 चम्मच नारियल का तेल मिलाकर बालों में 30 मिनट तक लगाने से सेहतमंद बाल उगने में मदद मिलती है। इससे बालों में नमी बरकरार रहेगी।

कैसे करें इस्तेमाल

इसके लिए आपको कच्चा दूध, हल्दी पाउडर और शहद की जरुरत है। यह तीनों सामग्री अपनी जरुरत के अनुसार लें।

इन तीनों सामग्री को एक साथ मिलाएं और बालों की जड़ों में लगाएं और फिर हल्के हाथ से मालिश करें। यह पेस्ट बालों में 30 मिनट के लिए रखें और फिर बालों को शैम्पू से धो लें। इस मिश्रण को बालों में हफ्ते में 1 या 2 बार लगा सकते हैं।

हल्दी का उपयोग डैंड्रफ के लिए (Benefits Of Turmeric To Get Rid Of Dandruff In Hind)

बालों में रूसी होने पर हल्दी का उपयोग किया जा सकता है क्योंकि हल्दी में एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी खूबी होती है जो रूसी को कम करने में मदद करती है।

कैसे करें इस्तेमाल-

इसके लिए आपको आधा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/4 कप मेथी दाने, आधा कप दूद और 2 चम्मच एलोवेरा जेल की जरुरत है।

मेथी दानों को रातभर के लिए दूध में भिगाकर रख दें। सुबह मेथी और दूध और एक साथ मिक्सी में पीस दें। अब इसमें हल्दी पाउडर और एलोवेरा जेल मिक्स करें और पेस्ट बना लें। अपनी जरुरत के अनुसार आप पेस्ट की स्थिरता बना सकते हैं। इस पेस्ट को बालों की जड़ों में लगाएं और करीब आधे घंटे तक इस मिश्रण को बालों में रखें और फिर शैंपू से धो लें।

 

Benefits Of Turmeric

 

हल्दी का उपयोग (Uses Of Haldi In Hindi)

हल्दी के फायदे सेहत, त्वचा और बालों के लिए कई सारे हैं। हल्दी के गुण इतने सारे हैं कि इसको खाने में डालने से लेकर त्वचा पर लगाने तक के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसके अलावा भी हल्दी के उपयोग कई सारे हैं। खाने में, त्वचा और बालों के इस्तेमाल के अलावा हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) और बहुत तरीकों से लिए जाते हैं। हल्दी के उपयोग से जुड़ी पूरी जानकारी आप नीचे से प्राप्त कर सकते हैं।

हल्दी का उपयोग प्राकृतिक दवाई की तरह (Turmeric As Medicine)

हल्दी का उपयोग कई तरीके से किया जाता है क्योंकि हल्दी के प्रकार कई सारे हैं। हल्दी को देश के अलग-अलग हिस्सों में उगाया जाता है जिससे हल्दी के कई प्रकार उपलब्ध हैं। ज्यादातर हल्दी को साऊथ इंडिया में उगाया जाता है खासकर पश्चिमी घाट में। आमतौर पर हल्दी का साइज बड़ा होता है। हल्दी के कई प्रकार में से एक प्रकार है कस्तूरी मंजल।

कस्तूरी मंजल, हल्दी का एक प्रकार है जिसे त्वचा पर लगाने और दवाई के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी खुशबू बहुत अच्छी होती है लेकिन खाने में डालने पर इसका स्वाद कड़वा हो जाता है जिस कारण से कस्तूरी मंजल को खाने में इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसको एंटीबायोटिक और त्वचा की सुंदरता बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

रसम-रिवाज़ और समारोह में हल्दी का उपयोग किया जाता है (Turmeric Is Used In Rituals And Ceremonies)

भारत में हल्दी का उपयोग खाने के अलावा और भी कई सारे हैं क्योंकि इसको पूजा में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ हल्दी का उपयोग भारतीय रसम-रिवाज और समारोह में भी किया जाता है। भारत के अधिकतर मंदिर में आपको चावल, चंदन, अगरबत्ती के साथ हल्दी भी मिलेगी क्योंकि इसको पूजा के लिए भी इस्तेमा किया जाता है।

इसके अलावा भारतीय संस्कृति में शादी के समारोह में भी हल्दी का उपयोग किया जाता है। दूल्हा- दुल्हन को शादी की एक रसम में हल्दी लगाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि हल्दी लगाने से त्वचा निखर जाती है और शरीर और दिमाग शुद्ध हो जाता है।

हल्दी का उपयोग रंग की तरह भी किया जाता है (Turmeric Is Used As A Coloring Dye)

हल्दी का उपयोग कपड़ों को रंगने के लिए भी किया जाता है। पीले रंग को पूजा-पाठ करने के लिए सर्दियों से इस्तेमाल किया जाता आ रहा है। पीने रंग के कपड़े पुजारी के द्वारा पहने जाते हैं। जैसा पूजा करते समय हल्दी का उपयोग किया जाता है वैसे ही पूरा करने के लिए भी पुजारियों के द्वारा पीले रंग जो हल्दी के रंग से रंगे जाते हैं वाले कपड़े पहनते हैं।

हल्दी का उपयोग सजावट के लिए (Turmeric Is Used As decorative Material)

हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) इसके पीले रंग के लिए भी जाने जाते हैं। हल्दी के पीले रंग के कारण इसको घरों की दिवारों को रंगने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। साउथ इंडिया में महिलाएं अपने घरों में हल्दी से ज़मीन पर कोलम बनाती हैं। यह माना जाता है कि हल्दी से कोलम बनाने से बुरी शक्ति दूर रहती हैं। घर में तस्वीर बनाने के लिए जो पाउडर इस्तेमाल किया जाता है वो हल्दी और चावल से बना होता है।

 

difference between turmeric & curcumin-mishry
हल्दी के फायदे इसके पीले रंग के लिए भी जाने जाते हैं।

 

हल्दी के नुकसान और सेवन (Turmeric Side Effects In Hindi)

अब हमें हल्दी के फायदे के बारे में पूरी जानकारी मिल गई है तो इसके बाद जरुरी है कि हल्दी के नुकसान के बारे में जान लिया जाए। किसी भी चीज़ के सिर्फ फायदे या सिर्फ नुकसान जानना काफी नहीं होता है। दोनों की जानकारी होनी बेहद जरुरी है। हल्दी में पाया जाने वाला कैमिकल करक्यूमिन के कारण ही हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) इतने सारे हैं। आइए यह जानते हैं कि अगर करक्यूमिन का सेवन अधिक मात्रा में कर लिया जाए तो क्या होगा।

करक्यूमिन का सेवन अधिक मात्रा में करने से पेट में एसिडिटी बढ़ जाती है जिससे कई और परेशानी हो सकती हैं जैसे कि पाचन शक्ति में परेशानी, दस्त आदि। सही मात्रा में करक्यूमिन का सेवन करने से मूड अच्छा रहता है लेकिन अगर इसकी मात्रा ज्यादा हो गई तो सरदर्द की परेशानी हो सकती है। हालांकि अभी इंसानों पर यह साबित नहीं हुआ है लेकिन चूहों पर अनियमित रूप से करक्यूमिन का सेवन करने से सूजन, पेट में छालें आदि और कई में लिवर का साइज भी बढ़ता हुआ नज़र आया है।

संदर्भwww.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed

 

कितनी मात्रा में हल्दी का सेवन करना चाहिए? (How much turmeric is safe to consume?)

अगर एकदम सही मात्रा की बात की जाए तो 1000 मिली ग्राम से ज्यादा करक्यूमिन का सेवन करने से नुकसान हो सकता है। और अगर आप हल्दी को मसाले की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको बता दें कि 1 चम्मच हल्दी में 200 मिली ग्राम करक्यूमिन पाया जाता है। इसका मतलब है कि पूरे दिन में 5 चम्मच हल्दी का इस्तेमाल करना काफी है।

 

आखिर में

आशा करते हैं हल्दी के फायदे और नुकसान से जुड़ी जानकारी आपको इस आर्टिकल से अच्छे से मिल गई होगी। हल्दी, अधिकतर सभी भारतीय किचन में रोजाना इस्तेमाल की जाती है लेकिन क्या आपको इसके फायदो के बारे में पता था। फायदे के साथ- साथ हर चीज़ के नुकसान के बारे में भी पता होना जरुरी है।

 

FAQ

 

  1. हल्दी के फायदे क्या हैं? (What are the benefits of turmeric?)

    हल्दी के फायदे कई सारे हैं जैसे कि यह पाचन शक्ति को स्वस्थ रखने में मदद, डायबिटीज कंट्रोल में रहती है, खून साफ करने में मदद, त्वचा को चमकदार बन जाती है, बालों में रूसी कम हो जाती है और दिमाग स्वस्थ रहता है।

  2. एक दिन में हल्दी की कितनी मात्रा का सेवन करना चाहिए? (How much turmeric should you take in a day?)

    सभी की शरीर की जरुरत और क्षमता अलग-अलग होती है। आमतौर पर एक दिन में 500-2000 एमजी करक्यूमिन (हल्दी) का सेवन करना सामान्य रूप सलाह दी जाती है। हल्दी का सेवन उतनी ही मात्रा में करना चाहिए जितनी से हल्दी के फायदे (haldi ke fayde) मिल सकें।

  3. हल्दी के नुकसान क्या हैं? (What are the side effects of turmeric?)

    हल्दी का सेवन सही मात्रा और लगातार सेवन करने से पेट की परेशानियां हो सकती हैं।
    कई लोगों को हल्दी का सेवन करने से दस्त, मिलती लग सकती है, अगर ऐसा है तो हल्दी का सेवन ना करें। अधिक मात्रा में हल्दी का सेवन करने से पथरी होने का आशंका हो सकती है।
    शरीर में हल्दी ज्यादा होने पर आयरन की कमी हो सकती है। अगर आपको हल्दी से एलर्जी है तो इसका सेवन ना करें।

  4. क्या हल्दी से वजन कम होने में मदद मिलती है? (Is turmeric good for weight loss?)

    हल्दी को पैट बर्न करने के लिए जाना जाता है इसलिए हल्दी का उपयोग खाने में जरुर करना चाहिए। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ हल्दी का सेवन करने से आपको वजन कम करने में मदद मिलेगी। वजन कम करने के लिए आपको कैलोरी के सेवन पर ध्यान देने के साथ-साथ बैलेंस डाइट और कसरत पर भी ध्यान देना जरुरी है।

  5. हल्दी का पानी कैसे फायदेमंद है? (How turmeric water is beneficial?)

    जितनी फायदेमंद हल्दी होती है उतने ही फायदे हल्दी के पानी के भी होते हैं। हल्दी के फायदे से जुड़ी जानकारी आप नीचे से देख सकते हैं। हल्दी के पानी से पाचन शक्ति स्वस्थ रहती है। डायबिटीज कंट्रोल में रहती है। खून साफ रखने में मदद करता है जिससे शरीर में खून का बहाव सामान्य रूप से होता है। सुबह गुनगुने पानी में हल्दी डालकर पीने से दिमाग को फायदा मिलता है। हल्दी का पानी पीने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन कैमिकल दवाई की तरह काम करता है।

संदर्भ

https://bharatdiscovery.org/india/%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%80

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pubmed/20229497

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4080703/

 

लेखक के बारे में

सुरभि शर्मा मिश्री में हिंदी लेखिका हैं। इ्न्हें सवाल पूछना बहुत पसंद है शायद इसी कारण से इनके आर्टिकल आपको विस्तार जानकारी के साथ मिलेंगे। इनका कहना है कि अपने शौक को करियर में बदलने से अच्छा और क्या हो सकता है। लिखने के साथ- साथ और भी कई शोक रहे हैं लेकिन अब इन्हें लगता है कि यह अपना पसंदीदा काम कर रही हैं। 

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