9 मटर के फायदे और नुकसान (9 Incredible Benefits & Side-Effects Of Peas)
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9 मटर के फायदे और नुकसान (9 Incredible Benefits & Side-Effects Of Peas)

मटर को सुपरफूड भी कहा जाता है क्योंकि यह पोष्टिक आहार से भरपूर है। इसमें हाई फाइबर, विटामिन, मिनरल्स पाए जाते हैं और यह एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर है।

हरी मटर अपने फायदो और फ्लेवर के लिए जानी जाती हैं। यह डायट्री फाइबर और विटामिन सी से भरपूर है। और इन्हीं दो चीजों से सबसे ज्यादा फायदे होते हैं। हरी मटर खाने से पाचन शक्ति स्वस्थ रहती है और एंटीऑक्सीडेंट शरीर में किसी भी नुकसान को होने से रोकते हैं। वहीं दूसरी तरफ मटर का अलग स्वाद होने के कारण इसको कई अलग- अलग डिश में इस्तेमाल किया जाता है। भारतीय खाने में जैसे कि मटर-पनीर, आलू-मटर, मटर- पुलाव और मेथी-मलाई-मटर में मटर मुख्य सामग्री है। मटर से जुड़े फायदों के बारे में जानने से पहले आइए इसके पोष्टिक त्तव के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेते हैं।

वीडियो- मटर के फायदे यहां से देखें

https://www.youtube.com/watch?v=WVJzbV7WHx0

मटर के पोष्टिक त्तव

मटर का साइज बहुत छोटा है लेकिन इस छोटी सी मटर में कई सारे पोष्टिक आहार बंद हैं। यह विटामिन, मिनरल्स और फाइबर से भरपूर है। विटामिन ए, बी6 और सी कुछ ऐसे विटामिन हैं जो काफी फायदेमंद हैं। इसमें पाए जाने वाले मिनरल्स जैसे कि पोटैशियम को अपनी डाइट में शामिल करने से ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है।

यह भी पढ़ें- फ्रोजन मटर को कैसे पकाना चाहिए, यहां से पढ़ें।

मटर के फायदे

बाकी पोष्टिक आहार से भरपूर चीज की तरह ही मटर के फायदे की लिस्ट काफी बड़ी है। आइए मटर से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी प्राप्त कर लेते हैं।

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

मटर में कई तरह के विटामिन होते हैं इसके अलावा इसमें फ्री रेडिकल को खत्म करने के लिए एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं। फ्री रेडिकल ऑक्सीजन में पाए जाते हैं। यह सेल, स्वस्थ सेल के साथ मिल जाते हैं और स्वस्थ सेल को नुकसान पहुंचाते हैं। फ्री रेडिकल से उम्र से जुड़े नुकसान और टिश्शू में जलन और सूजन होने लगती है। अगर आपकी डाइट में एंटीऑक्सीडेंट की सही मात्रा होगी तो यह फ्री रेडिकल को खत्म करने में मदद करेंगे।

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मटर विटामिन, मिनरल्स और फाइबर से भरपूर है।

वजन कम करने में मदद

मटर में फाइबर से भी भरपूर होती है। मटर में डायट्री फाइबर पाया जाता है जिसको पचने में काफी समय लगता है। इसलिए मटर को वजन कम करने के लिए भी जाना जाता है। मटर खाने के बाद आपका पेट लंबे समय के लिए भरा रहता है जिससे आप बार- बार नहीं खाते हैं। डायट्री फाइबर को पचाने में ज्यादा एनर्जी का भी इस्तेमाल होता है इसलिए ज्यादा कैलोरी भी बर्न होती है। इससे मटर को नेगेटिव कैलोरी फूड भी कहा जाता है जो कैलोरी को बर्न कर मैटाबोलिज्म को सही करने से वजन कम करने में मदद करता है।

सामान्य ब्लड शुगर

हाई फाइबर होने के कारण मटर का सेवन करने से ब्लड शुगर सामान्य बना रहता है। फाइबर को पचने में ज्यादा समय लगता है जिससे हम कह सकते हैं कि ग्लूकोज का अवशोषण (absorption) धीरे हो जाता है। जिस कारण से (pancreas) को इंसूलिन (वो हार्मोन जो ग्लूकोज मोलेक्युल्स को एनर्जी में तोड़ने का काम करता है ) प्रोड्यूज करने का समय मिल जाता है। जिससे हमारा ब्लड शुगर लेवल सामान्य बना रहता है।

स्वस्थ इम्यूनिटी

इम्यूनिटी को स्ट्रोंग करने के लिए एंटीऑक्सीडेंट मुख्य रुप निभाते हैं। यह हमारे शरीर को बाहर से होने वाले नुकसान से बचाकर रखते हैं। सही मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट का सेवन करने से बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारी जैसे कि भूलने की बीमारी या फिर शरीर के किसी अंग को चलाने में परेशानी आदि के आसार जल्दी से दिखाई नहीं देते हैं।

गर्भवति महिलाओं के लिए फायदेमंद

मटर फोलेट (एक तरह का विटामिन बी) लेना का अच्छा आधार है। यह गर्भवति महिलाओं के लिए बहुत लाभदायक है। यह शिशु में होने वाली कमी जैसे कि दिमाग या फिर रीड़ की हड्डी में कमी होने के आसार कम कर देता है। रोजाना 400 माइक्रोग्राम फोलेट का सेवन करना ऐसी बीमारी से दूर रहने के लिए काफी है। रेड ब्लड सेल की प्रोडक्शन बढ़ने से, फोलेट की मात्रा बढ़ने से शिशु की तंत्रिका ट्यूब (neural tube) के विकास में मदद मिलती है जो दिमाग और रीड़ की हड्डी के लिए लाभदायक है।

यह शिशु में होने वाली कमी जैसे कि दिमाग या फिर रीड़
की हड्डी में परेशानी होने के आसार कम कर देता है।

आंखों की रोशनी के लिए लाभदायक

आंखों की रोशनी को बनाए रखने के लिए लोगों को हरी सब्जियां खाने के लिए कहा जाता है। मटर में विटामिन ए पाया जाता है जो आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद है। विटामिन आंखों को फ्री रेडिकल से बचाकर रखता है और श्लेष्मा झिल्ली (mucous membrane) को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। मटर में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट जैसे कि ल्यूटिन और कैरोटीन इसके काम और अच्छा और कुशल तरीके से पूरा करने में मदद करते हैं।

ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाने में मदद

पोटैशियम के अलावा मटर में आयरन भी पाया जाता है जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन को ले जाने में मदद करता है। शरीर में हीमोग्लोबिन (सेल जो शरीर में ऑक्सीजन लेकर जाता है) को बनाने में आयरन का अहम रुप निभाता है। अगर आपकी डाइट आयरन से भरपूर होगी तो शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती रहेगी जिससे शरीर में सही में ऑक्सीजन जाएगी औ सभी अंग अच्छे से काम करेंगे। इसलिए मटर खाने से आयरन की कमी नहीं होती है जिससे सांस की कमी से होने वाली बीमारी जैसे कि एनीमिया होने आसार कम हो जाते हैं।

सामान्य ब्लड प्रेशर

मटर में फास्फोरस होने के कारण से आपका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। फास्फोरस जैसे मिनरल्स ब्लड वेसल्स में एक पतला प्रभाव डालते हैं और उन्हें कब्ज से बचाते हैं और ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है।

मजबूत हड्डियां

विटामिन डी को हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए जाना जाता है लेकिन यह अकेला काम नहीं कर सकता है। इसके साथ इसको विटामिन के की भी जरुरत है जो मटर में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। विटामिन के कैल्शियम के साथ काम करता है और हड्डियों की डेंसिटी को बढ़ाने में मदद करता है। यह कैल्शियम को शरीर में बनाए रखने में मदद करता है।

मटर कब मिलती हैं और इन्हें कैसे रखें

मटर सर्दियों की फसल है इसलिए यह दिसंबर से अप्रैल के महीने में मिलती हैं। हालांकि सूखी मटर पूरे साल मिलती है। मटर की फसल के बाद तुरंत बाद खाने वाली मटर में असली मीठा स्वाद आता है। जो मटर झुर्रियों वाली या फिर सामान्य पीले रंग से ज्यादा पीली मटर को नहीं खरीदना चाहिए। फ्रेश मटर की बात की जाए तो इनको हाथ में लेते ही भारीपन महसूस होता है। मटर को फ्रिज में रखना सबसे अच्छा है लेकिन फ्रिज में यह 2 से 3 दिन तक ही फ्रेश रहेंगी। अगर आप ज्यादा शेल्फ लाइफ वाली मटर चाहते हैं तो आप फ्रोजन मटर खरीद सकते हैं। (बेस्ट फ्रोजन मटर रिव्यू की जानकारी आप यहां से पढ़ सकते हैं।)

मटर कैसे खाएं और बनाएं

मटर को बेस्ट तरीके से बनाना सभी को पता है। सबसे पहले आपको मटर को उसके छिलके से निकालना होता है। मटर का फ्लेवर खाने में मिलकर आपके खाने को और भी स्वादिष्ट बना देता है। इसको आप सब्जी जैसे कि आलू, प्याज के साथ खा सकते हैं।

मटर को आप अपने सूप में भी मिला सकते हैं।

मटर के नुकसान

यह बात सभी को पता है कि जिस चीज के फायदे होते हैं उसके नुकसान भी होते हैं। खाने की चीजों की बात की जाए तो इसे जुड़े नुकसान उस चीज को कितनी मात्रा में खाया जाता है उस पर निर्भर करता है।

मटर का सेवन अधिक मात्रा में करने से आपके शरीर में विटामिन के की मात्रा बढ़ जाएगी। विटामिन के हड्डियों के लिए लाभदायक होता है लेकिन अधिक मात्रा होने से यह आपके खून को पतला कर देगा और प्लेटलेट भी कम हो जाएगी। जिससे कोई भी घाव या चोट जल्दी से नहीं भरेगी और खून का बहाव भी ज्यादा हो सकता है।

हाई डायट्री फाइबर होने के कारण शरीर में इसका नेगेटिव असर भी हो सकता है। फाइबर पाचन शक्ति को धीरे कर देता है जिससे शरीर को एक्सट्रा एनर्जी लगती है। अधिक मात्रा में फाइबर का सेवन करने से वजन बढ़ सकता है।

आखिर में

आखिर में यही कहा जा सकता है कि किसी भी चीज का सेवन सही मात्रा में किए जाने पर ही उसके फायदे मिलते हैं। अधिक मात्रा में सभी अच्छी खाने की चीजे नुकसान पहुंचा सकती हैं। किसी भी खाने की चीज का सेवन करने से पहले उसके फायदे और नुकसान की जानकारी अवश्य लें और अपनी डाइट को बैलेंस डाइट बनाकर रखें। बैलेस डाइट में सभी पोष्टिक आहार सही मात्रा में होते हैं जो शरीर के लिए लाभदायक है।

FAQs

  1. मटर के फायदे क्या हैं? (What are the benefits of peas?)

    मटर के फायदे कई सारे हैं जैसे कि एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, स्ट्रोंग इम्यूनिटी, वेट लॉस, सामान्य ब्लड प्रेशर, स्वस्थ आंखें, मजबूत हड्डियां आदि।

  2. क्या मटर वेट लॉस में मदद करती हैं? (Are peas good for weight loss?)

    वजन कम करने के लिए फाइबर का सेवन करना जरुर होता है। और मटर में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है जिससे बार- बार भूख नहीं लगती है और वेट लॉस में मदद मिलती है।

  3. क्या मटर रोजाना खा सकते हैं? (Can you eat peas everyday?)

    सही मात्रा में रोजाना मटर खा सकते हैं। अधिक मात्रा में मटर का सेवन करने से पेट से जुड़ी परेशानियां जैसे कि पेट में दर्द, रुकावट आदि हो सकती हैं।

  4. मटर के नुकसान क्या हैं? (What are the side effects of peas?)

    अधिक मात्रा में मटर खाने से विटामिन के की मात्रा बढ़ जाती है जिससे खून ज्यादा पतला हो सकता है और घाव भरने में समय लग सकता है। इसके साथ ही ज्यादा मात्रा में मटर खाने से पेट से जुड़ी परेशानियां भी हो सकती हैं।

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