सूजी और रवा के बीच क्या अंतर है? – मिश्री
सूजी और रवा के बीच क्या अंतर है यहां से जानिए

सूजी और रवा के बीच क्या अंतर है? – जानिए इसके उपयोग और फायदे

सूजी और रवा से ज्यादा सेमोलीना नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं सूजी और रवा के नाम से भारत और पाकिस्तान में जाना जाता है। लेकिन इन दोनों के बीच में फर्क क्या है? आइए पता लगाते हैं।

सूजी और रवा दानेदार गेंहू का आटा है जो मोटी बनावट का होता है। इसका दूसरा नाम सेमोलीना है। सूजी और रवा से ज्यादा ‘सेमोलीना’ नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन दोनों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं सूजी और रवा को इस नाम से भारत और पाकिस्तान में जाना जाता है।

सूजी का नाम भारत के नार्थ और पाकिस्तान में ज्यादा लिया जाता है वहीं रवा का नाम भारत के साउथ साइड में ज्यादा लिया जाता है। सूजी और रवा किस चीज से बने हैं कि बात की जाए तो इनमें ज्यादा फर्क नहीं है। यह दोनों गेंहू से बने हुए हैं और दिखने में लगभग एक जैसे ही हैं।

इन दोनों के आटे में इनके विभिन्न भौगोलिक क्षेत्र के कारण अलग- अलग नाम से जाना जाता है। इनमें अंतर इनके साइज में हो सकता है क्योंकि सूजी के मुकाबले रवा बड़ी होती है। इसके अलावा इनमें यह अंतर हो सकता है कि यह एक सिक्के के दो पहलू हैं। यह दोनों एक ही आटे से बने हुए हैं जिनको अलग- अलग डिश जैसे कि मिठाई, नमकीन और दुनिया भर में मेन कोर्स बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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सूजी और रवा के उपयोग

सूजे का आटा और रवा का आटा के इस्तेमाल से कई तरह का खाना दुनिया भर में बनाया जाता है। सेमोलीना एक इटली का शब्द है जो सूजी और रवा के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस आटे को गूंथकर इससे मिठाई और नमकीन बनाई जा सकती है। अगर इसका आटा गूंथना है तो पहले इसको अच्छे से पिसा हुआ होना चाहिए ताकि खाते समय इसके टुकड़े मुंह में न आएं जो बहुत अजीब लगेंगे। अगर इनको मेन कोर्स के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है तो यह जैसे हैं वैसे ही इस्तेमाल करें जिससे इनका असली स्वाद और टैक्शर खाने में बना रहे जो स्वाद लेकर आएगा।

एक बर्तन में सूजी या रवा
एक बर्तन में सूजी या रवा

सूजी और रवा को कई भारतीय डिश बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। सूजी और रवा से बनी कुछ मिठाई और नमकीन हैं- उपमा, रवा लड्डू, हलवा आदि। उपमा एक नमकीन डिश वहीं बाकी दो मीठी डिश हैं। भारत और पाकिस्तान में सूजी और रवा को ब्रेकफास्ट में बनाया जाता है। इनको खिचड़ी की तरह बनाया जाता है और स्वादिष्ट साइड डिश के साथ खाया जाता है।

सूजी और रवा के आटे को अच्छे से पीसने के बाद गूथा जाता है जिससे साउथ इंडियन डिश जैसे कि रवा इडली. रवा डोसा, उत्थपम, वडा आदि बनाया जाता है। रवा लड्डू को त्योहार के दिनों में बनाया जाता है। यह एक पारंपरिक मिठाई है जिसको भारत में त्योहार के समय बनाया जाता है।

दुनिया भर में लोगों के द्वारा सूजी और रवा से अलग- अलग डिश बनाई जाती हैं। यह सिर्फ भारत और पाकिस्तान में ही नहीं बनाई जाती हैं। इसको पूरी दुनिया सेमोलीना के नाम से भी जाना जाता है। इसको ज्यादातर पिज़्ज़ेरिया के रुप में इस्तेमाल किया जाता है जो पिज्ज़ा का बेस होता है पाउडर टैक्शर में जिससे पिज्ज़ा, पिज्ज़ा शीट से आसानी से ओवन में बिना चिपके चला जाए।

इनको अलग- अलग तरह के केक बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है जैसे कि प्लेन वैनिला केक, लेमन केक, ऑरेंज केक, योगट केक आदि। इसके अलावा सेमोलीना को कई और तरह की डिश बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है जैसे कि कुकीज़, पैनकेक, डंपलिंग और पुडिंग। इनको पिज्ज़ा की पपड़ी बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है जिससे पिज्ज़ा बनाना आसान हो जाता है और यह अलग स्वाद लेकर आता है।

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सूजी और रवा बेबी फूड की तरह

सूजी और रवा बढ़ो के साथ- साथ बच्चों के लिए भी बहुत ज्यादा सेहतमंद है। रवा में पोष्टिक त्तव की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह बच्चों के लिए बहुत अच्छा है। अच्छे से पकने के बाद यह बच्चों के लिए चबाना आसान है। इसकी खिचड़ी बनाकर बच्चों को खिलाई जाती है। इसके अलावा खिचड़ी को फल. सब्जी और दाल के साथ भी खिलाया जाता है।

सूजी और रवा का घोल बनाया जाता है इन्हें गाढ़ा करने के लिए ग्रेवी और सूप में डाला जाता है। इसके टैक्शर के कारण इसको अलग- अलग डिश में इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे स्वाद अलग और अच्छा हो जाता है।

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बर्तन में सूजी या रवा
बर्तन में सूजी या रवा

सूजी और रवा के फायदे

सेमोलीना, रवा या सूजी- इनको चाहे आप किसी भी नाम से पुकार लें जब बात इनसे जुड़े फायदे की आती है तो यह अपने नाम की तरह नहीं बदलते हैं। क्या आपको पता है जो सूजी और रवा आप अपने खाने में इस्तेमाल कर रहे हैं उसके क्या- क्या फायदे हैं?

  • आपका पेट लंबे समय के लिए भर रखता है और आपको बार- बार भूख नहीं लगती है।
  • इसमें जरुरी मिनरल्स मौजूद हैं जैसे कि ज़िक, फास्फोरस और मैग्नीशियम जो हड्डियों को मजबूत करने में मदद करते हैं और साथ ही पूरे दिन आपको एनर्जी देते हैं।
  • इसमें बड़ी मात्रा में सेलेनियम पाया जाता है जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
  • यह आयरन लेने का अच्छा आधार है जो एनीमिया और डीहाइड्रेशन के खतरे को कम करता है।

सूजी और रवा के प्रकार

सूजी और रवा के कई सारे प्रकार हैं जो सिर्फ सामान्य गेंहू से नहीं बनाएं जाते हैं। उनमें से एक है बंसी रवा जिसको सांभा गेंहू का नाम से भी भारत के कई हिस्सों में जाना जाता है। यह अच्छे से पिसे हुए पाउडर की तरह होता है। यह थोड़े बड़े गेंहू के दाने से बना होता है।

इसके अलावा बाम्बे रवा है जिसका टैक्शर बंसरी रवा के मुकाबले मोटा होता है। इसका आटा होल वीट ग्रेन से बना है जो आकार में रवा या सूजी के मुकाबले बड़ा होता है।

आखिर में

इनके चाहे कितने भी अलग- अलग नाम हो, सच बात तो यह है कि इनको गेंहू के आटे से बनाया जाता है। इसलिए इनका स्वाद भी एक जैसा ही होगा। इनमें सिर्फ यह फर्क है कि इनको दुनिया भर में अलग- अलग नाम से बुलाया जाता है। और साथ इनके टैक्शर में थोड़ा बदलाव होता है लेकिन इनको एक तरीके से ही बनाया जाता है जिससे ज्यादा असर नहीं पड़ता है।

सूजी और रवा एक जैसे प्रोडक्ट हैं जिनको हर जगह अलग- अलग नाम से जाना जाता है। इसके अलावा इनमें कोई अंतर नहीं है। इन दोनों में अंतर ढूंढने का मतलब है हरा सेब और लाल सेब में अंतर ढूंढना क्योंकि इन दोनों में रंग के अलावा कोई अंतर नहीं है। इनका स्वाद एक जैसा ही है और इनको एक दूसरे के विकल्प के रुप में भी इस्तेमाल किया जाता है।

FAQs

सूजी/ रवा से जुड़े दिलचस्प सवालों के जवाब यहां से प्राप्त कर सकते हैं।

1. सूजी कितने प्रकार की होती हैं?

सूजी कई प्रकार की होती हैं जैसे कि –

  • सूजी रवा
  • दलिया रवा
  • बलगर वीट रवा
  • बंसी रवा
  • राइस रवा

2. सूजी कैसे प्राप्त होती है?

सूजी डुरम वीट (durum wheat) से मिलती है। इसका रंग वीट के रंग पर निर्भर करता है। आमतौर पर सूजी का रंग पीला होता है।

3. रवा खाने से क्या होता है?

रवा खाने के कई फायदे हैं जैसे कि-

  • तुरंत एनर्जी मिलती है
  • सेहतमंद दिल
  • वेट लॉस
  • एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
  • आयरन की पर्याप्त मात्रा का सेवन

4. क्या सूजी से वजन बढ़ता है?

कृषि के संयुक्त राज्य अमेरिका विभाग की रिसर्च के अनुसार 100 ग्राम सूजी में सिर्फ 360 कैलोरी और जीरो कोलेस्ट्रॉल होता है। सूजी का सेवन करने से पेट लंबे समय के लिए भरा रहता है और वेट लॉस में मदद मिलती है।

5. सूजी से हम कौन- कौन से व्यंजन बना सकते हैं?

सूजी से कई प्रकार की स्वादिष्ट डिश बनाई जा सकती हैं-

  • सूजी हलवा
  • चीला
  • ढोकला
  • उपमा
  • इडली
  • पकोड़ा
  • उत्तपम
  • सूजी मैंगो केक
  • सूजी गुड़ का हलवा
  • सूजी चीज़ टोस्ट

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