सफेद चाय- फायदे, नुकसान, कैसे बनाएं और पौष्टिक आहार

सफेद चाय वजन कम करने के साथ- साथ दिल को भी स्वस्थ रखती है। सभी सेहतमंद बेवरेज में से सफेद चाय टॉप पर आती है।

बाकी सभी चाय की तरह सफेद चाय की पत्तियों को कैमेलिया सिनेंसिस नाम के पौधे से लिया जाता है। इसको तोड़ने के बाद यह न्यूनतम ऑक्सीकरण प्रक्रिया से गुजरता है जिसके कारण इसका रंग सफेद हो जाता है। इसी कारण से सफेद चाय में भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो बहुत सारे फायदे देती हैं। सफेद चाय का जन्म प्राचीन चीनी संस्कृति में हुआ था। जहां पर इनको तोड़ने के बाद अच्छे से पानी से धोया जाता था और सफेद पाउडर बनाया जाता था। कई सदियों से सफेद चाय का सेवन चीन के साथ- साथ पूरी दुनिया में किया जाता है। इसके अलावा कैटेचिन और पॉलीफेनोल (catechin and polyphenol) जैसे फ्लेवोनोइड्स इसके पोषण को जोड़ने में मदद करती है। बिना किसी शक के हम कह सकते हैं कि सफेद चाय के बहुत सारे फायदे हैं। आइए इससे जुड़ी और अधिक जानकारी आप नीचे से ले सकते हैं।

वीडियो- सफेद चाय के फायदे (वजन कम करने में मदद)

सफेद चाय के फायदे

1. सफेद चाय में एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है

सफेद चाय न्यूनतम ऑक्सीकरण प्रक्रिया से गुजरती है इसलिए इसमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाएं जाते हैं जो सेहत और सेल की सुरक्षा के लिए बहुत फायदेमंद है। क्यों? खून में फ्री ऑक्सीजन कण होते हैं जो स्वस्थ सेल के साथ मिल जाते हैं जिसके बाद यह सेल को खराब कर सकते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर बेवरेज पीने से फ्री ऑक्सीजन के कण की मात्रा कम हो जाती है। शरीर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट ऑक्सीजन कण के साथ सेहतमंद कण से मिलने से पहले इनमें मिल जाते हैं और हमारे शरीर को सुरक्षित रखते हैं।

2. सेहतमंद दिल

सफेद चाय में फ्लेवोनॉयड होने के कारण यह हमारे दिल को स्वस्थ रखने में मदद करती है और साथ ही ब्लड प्रेशर को सामान्य बनाएं रखने में मदद करती है। इसके साथ ही यह कोलेस्ट्रॉल का भी ध्यान रखती है। ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल, दोनों ही दिल से जुड़े हुए हैं। इसलिए सही मात्रा में सफेद चाय का सेवन करने से इन दोनों बीमारी के होने के आसार कम हो जाते हैं।

3. एंटी एजिंग

सफेद चाय में एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण यह आपके त्वचा को भी जवान बनाए रखने में मदद करती है। जिससे बढ़ती उम्र के लक्षण जल्दी से नज़र नहीं आते हैं। अगर आपके बेवरेज में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा सही बनी रहेगी तो आपकी त्वचा लंबे समय के लिए जवान लगेगी।

4. स्वस्थ बल्ड ग्लूकोज लेवल

सफेद चाय पीने से हाई बल्ड शुगर लेवल का खतरा कम रहता है। इस बीमारी के लक्षण कई हैं जैसे कि ज्यादा प्यास लगना, ग्लूकोज का लेवल बढ़ना और इंसुलिन की कमी आदि। सफेद चाय का सेवन करने से आप इन खतरों से बचे रहे सकते हैं।

5. वजन कम करने में मदद

सफेद चाय से जुड़ा हुआ यह सबसे पॉपुलर फायदा यह है कि यह वजन कम करने में मदद करता है। इसमें मौजूद कैफीन आपको लंबे समय तक कसरत करने के लिए क्षमता देता है। जिससे आपकी कैलोरी अधिक मात्रा में बर्न होती हैं। एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण यह मैटाबोलिज्म तो स्वस्थ रखने में मदद करती है। और वजन कम करने की राह में मैटाबोलिज्म बहुत जरुरी होता है।

सफेद चाय- इसका सेवन करने से वजन कम होने में मदद मिलती है।

6. मजबूत इम्यून सिस्टम

सफेद चाय को एंटी बैक्टीरियल होने के कारण भी जाना जाता है। यह बाहरी रोगजनकों के द्वारा बीमारी फैलाने से रोकने में मदद करती है। इसके अलावा एंटीऑक्सीडेट होने के कारण यह इम्यून सिस्टम को स्ट्रोंग बनाती है और फ्री रेडिकल को नष्ट करने में मदद करती है। जिससे इम्यून सिस्टम और अच्छे से काम करता है।

7. स्वस्थ मुंह

सफेद चाय में फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं जो मुंह में पैदा होने वाले बैक्टीरिया को जन्म लेने से रोकते हैं जो मुंह में खराब परत बनाने का कारण बनते हैं। रोजाना एक कप सफेद चाय पीने से आपका मुंह स्वस्थ रहेगा।

8. एंटी- कैंसर

सफेद चाय का सेवन करने से असामान्य रुप से सेल का जन्म नहीं होता है। असामान्य रुप से सेल का जन्म होने से कैंसर की बीमारी हो सकती है। लेकिन सफेद चाय पीने से इसके आसार कम हो जाते हैं। इस पर अभी रिसर्च जारी है और अभी तक के रिजल्ट सफल रह हैं।

9. इंफ्लामेट्री दोष होने के कम आसार

फ्री रेडिकल, स्वस्थ सेल के साथ मिलकर इंफ्लामेशन कर सकती हैं। ऐसा होने से शरीर में दर्द हो सकता है जैसे कि जोड़ो का दर्द। डाइट में एंटीऑक्सीडेंट होने से इन सभी बीमारी से बचा जा सकता है।

सफेद चाय के नुकसान

जितने ज्यादा सफेद चाय के फायदे हैं उसके मुकाबले इसके नुकसान कम हैं। इसके नुकसान इसमें मौजूद कैफीन से जुड़े हुए हैं। अधिक मात्रा में सफेद चाय का सेवन करने से नींद कम आती है, सुस्ती होती है और गैस की परेशानी भी हो जाती है। कई बार कैफीन का सेवन अधिक मात्रा में करने से दिल की बीमारी भी हो सकती है जैसे कि कार्डिएक एरिद्मिया (cardiac arrhythmia)। एक कप सफेद चाय में 28 मिलीग्राम कैफीन होता है जो कॉफी के मुकाबले कम है। लेकिन अगर इसका सेवन अधिक मात्रा में कर लिया जाए तो यह मात्रा भी ज्यादा हो जाती है।

सफेद चाय – इसके नुकसान इसमें मौजूद कैफीन से जुड़े हुए हैं।

सफेद चाय कैसे बनाएं

सबसे पहले आप यह जान लें कि टी बैग्स से ज्यादा अच्छी टी लिव्स होती हैं क्योंकि यह पानी में अच्छे से घुल जाती हैं और सभी पोष्टिक आहार देने में मदद करती हैं। सफेद चाय को बनाना बेहद आसान है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फोलो कर आप आसानी से सफेद चाय बना सकते हैं-

  1. सबसे पहले 1 कप पानी को ऊबालें।
  2. आप 2 चम्मच सफेद चाय पत्ति को सीधे पानी में डाल सकते हैं या फिर भिगोने वाली बास्किट में भी डाल सकते हैं।
  3. सफेद चाय पत्तियों को 6 से 10 मिनट के लिए डालें।
  4. अब पानी को कप में छान लें।
  5. अब आप अपना सेहतमंद एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर बेवरेज का मजा लें।

सफेद चाय और इसके पोष्टिक आहार

अब जब आपको सफेद चाय के इतने सारे फायदे पता चल गए हैं तो आपको इसको फायदेमंद होने का कारण भी पता होना चाहिए। सफेद चाय में पॉलीफेनोल जीवित जीवों में महत्वपूर्ण अणु हैं (polyphenols, which are a set of poly nutrients) जो स्वस्थ मैटोबोलिज्म के लिए लाभदायक होते हैं। इसके अलावा सफेद चाय में फ्लेवोनोइड्स, टैनिन और फ्लोराइड पाए जाते हैं जो कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं। इसलिए सफेद चाय में मौजूद सभी पोष्टिक आहार आपको सेहतमंद जिंदगी जीने में मदद करते हैं।

आखिर में

आखिर में, हम आपसे यही कहना चाहेंगे कि आप वही बेवरेज चुने जो आपको सेहतमंद जिंदगी देता है और सभी बीमारियों से बचाकर रखता है। कोई भी बेवरेज चुनने से पहले उसके फायदे, नुकसान, इस्तेमाल करने के तरीक और पोष्टिक आहार से जुड़ी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

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