विटामिन डी से भरपूर फूड्स

विटामिन डी शरीर में प्राकृतिक तरीके प्रोड्यूज होता है और इसका सेवन अलग से भी कर सकते हैं। विटामिन डी फूड्स लिस्ट इन हिंदी में जानकारी आप यहां से प्राप्त कर सकते हैं।

इंसानों में विटामिन डी प्राकृतिक रुप से बनता है जब त्वचा सूरज की किरणों के संपर्क में आती है। अगर किसी को विटामिन डी की कमी है तो वो विटामिन डी फूड खाकर इस कमी को पूरा कर सकते हैं। विटामिन डी ज्यादा संख्या के खाने में मौजूद नहीं है इस कारण से विटामिन डी फूड्स की लिस्ट ज्यादा बड़ी नहीं है। तेल वाली मछली और कुछ प्रकार के मशरूम में विटामिन डी पाया जाता है। विटामिन डी सही से अबज़ॉबशन करने में मदद करते हैं और हड्डियों, नसों और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह इम्यूनि सिस्टम को भी सेहतमंद रखने में मदद करता है।

विटामिन डी को शनशाइन विटामिन भी कहा जाता है क्योंकि इंसान के शरीर में सूजर की किरणों से विटामिन डी लेने की खूबी होती है। हफ्ते में दो बार सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच सूरज की किरणें मिलने से विटामिन डी की मात्रा में शरीर अच्छा बनी रहती है। लेकिन यह उस पर निर्भर करता है जिस जगह पर आप रह रहे हैं। उन लोगों के लिए विटामिन डी लेना मुश्किल है जो बाहर कम जाते हैं। विटामिन डी को अंतरराष्ट्रीय यूनिट (आईयू) या माइक्रोग्राम (एमसीजी) में माप किया जाता है। विटामिन डी फूड्स लिस्ट इन हिंदी में जानकारी आप यहां से प्राप्त कर सकते हैं।

वीडियो- विटामिन डी से भरपूर फूड्स यहां से देखें

उम्र के अनुसार विटामिन डी का सेवन-

शिशु400 आईयू
बच्चे600 आईयू
70 साल तक के लोग600 आईयू
70 साल से ज्यादा के लोग800 आईयू
गर्भवति महिलाएं600 आईयू

स्रोत: यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन (आईओएम)

सारांश- विटामिन डी को शनशाइन विटामिन भी कहा जाता है क्योंकि इंसान के शरीर में सूजर की किरणों से विटामिन डी लेने की खूबी होती है। अगर किसी को विटामिन डी की कमी है तो वो विटामिन डी फूड खाकर इस कमी को पूरा कर सकते हैं।

विटामिन डी फूड्स- विटामिन डी की कमी क्या है?

हालांकि विटामिन डी को प्रोड्यूड करने की क्षमता इंसानों के शरीर में होती है लेकिन इसके बावजूद लोगों को विटामिन डी की कमी हो जाती है। जिन लोगों की त्वचा का रंग गहरा या फिर जो लोग सनस्क्रीन इस्तेमाल करते हैं उन लोगों का शरीर अच्छे से विटामिन डी प्रोड्यूज नहीं कर पाता है। एसपीएफ 30 सनस्क्रीन लगाने से शरीर की 95% विटामिन डी प्रोड्यूज करने की क्षमता कम हो जाती है। जो उत्तरी अक्षांश या फिर प्रदूषण वाली जगह पर रहते हैं वो लोग बाहर कम निकलते हैं और इन्हीं लोगों में विटामिन डी कमी ज्यादा पाई जाती है। कुछ लोग विटामिन डी फूड खाकर इस कमी को दूर कर लेते हैं।

सारांश- जो उत्तरी अक्षांश या फिर प्रदूषण वाली जगह पर रहते हैं वो लोग बाहर कम निकलते हैं और इन्हीं लोगों में विटामिन डी कमी ज्यादा पाई जाती है।

विटामिन डी फूड्स- विटामिन डी की कमी के लक्षण

अगर आपको विटामिन डी की कमी है तो यह लक्षण हो सकते हैं-

  • मांसपेशियों में दर्द
  • बालों का झड़ना
  • बिगड़ा हुआ घाव भरने वाला
  • खराब मूड
  • पीठ और हड्डियों में दर्द
  • थकान
  • बार- बार बीमार होना/ लो इम्यूनिटी
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विटामिन डी की कमी डेयरी प्रोडक्ट से दूर हो सकती है।

अगर इन लक्षणों पर ध्यान नहीं दिया तो यब बड़ी बीमारी बन सकती हैं-

  • न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारी जैसे अल्जाइमर
  • ऑस्टियोपोरोसिस
  • क्रोनिक फेटीग सिंड्रोम
  • फाइब्रोमायल्जिया सिंड्रोम
  • डिप्रेशन
  • हाइपर टेंशन
  • डायबटीज
  • मोटापा
  • कैंसर

विटामिन डी फूड्स- विटामिन डी से भरपूर फूड्स

  • अंडे- एग योल्क विटामिन डी प्राप्त करने का एक अच्छा आधार है जिसको आप डाइट में आसानी से शामिल कर सकते हैं। आप अंडे को ब्रेकफास्ट, लंच या डिनर में खा सकते हैं। आप अंडो को कई तरीके से खा सकते हैं जैसे कि सलाद के साथ आदि।
  • चिकन- चिकन को बनाने के तरीके कई सारे हैं। बोरिंग रेसिपी के अलावा आप चिकन को कई सारे नए तरीकों से बनाकर खा सकते हैं।
  • टूना- टूना मछली से आप भारी मात्रा में विटामिन डी ले सकते हैं।
  • फोर्टिफाइड स्किम्ड मिल्क- इस तरह के दूध में विटामिन डी भारी मात्रा में पाया जाता है।
  • कोड लिवर ऑयल- यह तेल सिर्फ नॉन वेजिटेरियन के द्वारा खाया जा सकता है क्योंकि यह मछली का तेल होता है।
  • सार्डिन
  • सैल्मन
  • कच्चे मशरूम
  • पकाई हुई फिश

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विटामिन डी फूड्स- शाकाहारी (Vegans) के लिए विटामिन डी का आधार

  • रेडी-टू-ईट सीरियल्स
  • सोय योगट
  • ऑरेंज जूस
  • मशरूम
  • फोर्टिफाइड बादाम का दूध
  • अंडे
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सीरियल्स, ऑरेंज जूस आदि से विटामिन डी मिलता है।

विटामिन डी फूड्स- शुद्ध शाकाहारी के लिए विटामिन डी का आधार

  • चीज़
  • फोर्टिफाइड योगट
  • फोर्टिफाइड लो फैट दूध

विटामिन डी फूड्स- फोर्टिफाइड फूड विटामिन डी से भरपूर

फोर्टिफाइड फूड वो होते हैं जिनमें विटामिन डी प्राकृतिक रुप से मौजूद नहीं होता है। इनमें विटामिन डी मिलाया जाता है-

  • सीरियल्स और ओटमील
  • ऑरेंज जूस
  • सोय मिल्क
  • गाय का दूध

सारांश- विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए कई सारे विटामिन डी फूड हैं। आप आसानी से यह पता लगा सकते हैं कि आपको विटामिन डी की कमी है या नहीं।

विटामिन डी फूड्स- विटामिन डी के फायदे

1. विटामिन डी की कमी नहीं होने देता है

जब आप विटामिन डी फूड का सेवन करना शुरु कर देंगे तो आपको विटामिन डी की कमी होने की परेशानी नहीं होगी।

2. रिकेट्स से बचाव

रिकेट्स को हड्डियों की बीमारी कहते हैं। यह विटामिन डी की कमी से होता है। जिन लोगों को यह बीमारी होती है उनकी हड्डियां कमजोर और सोफ्ट होती हैं। विटामिन डी का सेवन सही मात्रा में करने से इस बीमारी के होने के आसार कम हो जाते हैं।

3. हड्डियों की बीमारी

विटामिन डी, कैल्शियम की मात्रा को शरीर में बनाए रखता है जिससे हड्डियां मजबूत बनी रहती हैं।

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विटामिन डी के सेवन से हड्डियां मजबूत होती हैं।

4. सोरायसिस

सोरायसिस (Psoriasis) एक त्वचा की बीमारी है। विटामिन डी की स्किन क्रीम लगाने से य ठीक हो जाती है।

5. कैल्शियम ब्लड लेवल

जिन लोगों में पैराथाएरॉएड हार्मोन की कमी होती है उन लोगों में कैल्शियम की भी कमी पाई जाती है। विटामिन डी शरीर में कैल्शियम की मात्रा को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है।

6. फैंकोनी सिंड्रोम

शरीर में फॉस्फेट की मात्रा कम होने से फैंकोनी सिंड्रोम होता है। विटामिन डी को लो फॉस्फेट लेवल को ठीक करने के लिए जाना जाता है।

विटामिन डी फूड्स- विटामिन डी के नुकसान

वैसे तो विटामिन डी के कोई नुकासन नहीं होते हैं लेकिन अधिक मात्रा में विटामिन डी का सेवन करने नीचे दी गई बीमारी से कोई हो सकती है-

  • उल्टी
  • जी मिचलाना
  • मैटेलिक स्वाद
  • सूखा मुँह
  • भूख में कमी
  • सरदर्द
  • नींद में कमी
  • थकान
  • कमजोरी
  • शरीर में कैल्शियम का लेवल बढ़ जाना
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डेयरी प्रोडक्ट से विटामिन डी मिलता है।

विटामिन डी फूड्स- विटामिन डी का सेवन करते समय सावधानी

1. ट्यूबरकुलोसिस

जिन लोगों को ट्यूबरकुलोसिस है उन लोगों को विटामिन डी का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह शरीर में कैल्शियम की मात्रा को बढ़ा देता है। कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाने से किडनी में पथरी भी हो सकती है।

2. सारकॉइडोसिस

सारकॉइडोसिस एक इंफ्लामेट्री बीमारी है जिससे शरीर कई अंगों पर असर पड़ता है लेकिन फेफडों पर ज्यादा असर पड़ता है। विटामिन डी का सेवन अधिक मात्रा में करने से किडनी में पथरी हो सकती है या फिर कोई इंफेक्शन भी हो सकता है जैसे कि सारकॉइडोसिस।

3. किडनी की बीमारी

जिन लोगों को किडनी की बीमारी है विटामिन डी से उन लोगों की धमनियों (arteries) सख्त हो सकती हैं।

सारांश- विटामिन डी बहुत लाभदायक है लेकिन किसी भी चीज़ का सेवन अधिक मात्रा में करने से उसके नुकसान भी होते हैं।

आखिर में

विटामिन लेने का सबसे अच्छा आधार सूरज की किरणों से है। लेकिन इसके बावजूद आपके पास बाहर जाने का समय नहीं है तो आप ऊपर दिए गए आधार से विटामिन सी प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन आपको बता दें कि हर चीज़ का सेवन करना सही मात्रा में ही सही होता है। अधिक मात्रा हर एक चीज़ नुकसान दे सकते है।

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