रक्षाबंधन 2020- इतिहास, खाना और बहुत कुछ (What Is Raksha Bandhan? | History, Food And More)
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रक्षाबंधन 2020- इतिहास, खाना और बहुत कुछ (What Is Raksha Bandhan? | History, Food And More)

रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) का त्योहार कैसे शुरु हुआ, रसमें, व्यंजनों से जुड़ी जानकारी यहां से प्राप्त कर सकते हैं।

रक्षाबंधन, हिंदू त्योहार है जिसे हर साल हिंदू कैलेंडर के अनुसार पूरे चांद वाले दिन सावन के महीने में मनाया जाता है। लेकिन इस परंपरा की शुरुआत कैसे हुई? लेकिन यह परंपरा कैसे शुरु हुई? इसे लेकर भी कई कहानियां है। आइए रक्षाबंधन के इतिहास और इससे जुड़ी अधिक जानकारी प्राप्त करते हैं।

इस आर्टिकल में हमने पारंपरिक खाने और रसमों के बारे में विस्तार से बात की है।

रक्षाबंधन या राखी हिंदुस्तानी त्योहार है जिसमें भाई- बहन के प्यारे रिश्ते को धूम- धाम से मनाया जाता है। पारंपरिक रूप से इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और बदले में भाई अपनी बहन से वादा करता है कि वो जिंदगी भर अपनी बहन की रक्षा करेगा। हिंदू कैलेंडर के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार श्रावण/ सावन के महीने में आता है।

हालांकि महिलाओं को अपने लिए किसी ‘रक्षक’ की जरुरत नहीं है। अपने तरीके से इस परंपरा को निभाने से किसी की भावनाओं को चोट भी नहीं लगती है। आजकल न सिर्फ लकड़े बल्कि लड़कियों की कलाई पर भी आप राखी बंधी हुई देख सकते हैं। क्योंकि यह सच में भाई- बहनों के लिए खास दिन होता है।

रक्षाबंधन 2021: तिथि

रक्षाबंधन का पावन त्योहार 22 अगस्त 2021 को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त सुबह 6:15 से लेकर शाम 5:30 तक है।

रक्षाबंधन त्योहार- इतिहास और उत्पत्ति

रक्षाबंधन- इतिहास और उत्पत्ति
रक्षाबंधन- इतिहास और उत्पत्ति

रक्षाबंधन के इतिहास और इसकी उत्पत्ति से जुड़ी 5 प्रसिद्ध सिद्धांत हैं-

1.  भगवान कृष्ण और द्रौपदी (Lord Krishna And Draupadi)

इस सिद्धांत के अनुसार जब भगवान विष्णु इस संसार में कृष्ण के रूप में आए थे तब उन्होंने धर्म की रक्षा करने के लिए दुष्ट राजा शिशुपाल का वध कर दिया था। इस युद्ध में सुदर्शन चक्र से श्री कृष्ण की उंगली पर चोट लग गई थी। उंगली से खून आते देख द्रौपदी से रहा नहीं गया और अपनी साड़ी से एक टुकड़ा फाड़कर श्री कृष्ण की उंगली पर खून रोकने के लिए बांध दी। यह देखकर श्री कृष्ण ने भविष्य में आभार प्रकट करने का वादा किया। और यह वादा श्री कृष्ण ने तब पूरा किया जब कौरवों ने द्रौपदी की साड़ी उताकर अपमान करने की कोशिश की थी।

2. रानी कर्णावती और सम्राट हुमायूं (Rani Karnawati and Emperor Humayun)

अपने पति राणा संघ की मृत्यु के बाद चितौड़गढ़ की रानी अपने राज्य को घुसपैठियों से बचाना चाहती थी। घेराबंधी होने के समय पर रानी कर्णावति ने सम्राट हुमायूं को चिट्टी में सुरक्षा के लिए विनती की और चुट्ठी साथ राखी भी भेजी। हालांकि हुमायूं कहीं और व्यस्त थे लेकिन रानी की चिट्ठी मिलते ही हुमायूं अपनी सेना के साथ मदद देने के लिए मेवाड़ चल गए।

3. राजा बाली और देवी लक्ष्मी (King Bali and Goddess Laxmi)

रक्षाबंधन से जुड़ी यह कहानी भी बहुत प्रसिद्ध है। असुर राजा बाली भगवान विष्णु के अंधभक्त थे जिस कारण से असुर राजा बाली को भगवान विष्णु से वरदान मिला था कि स्वयं भगवान विष्णु उनके राज्य की सुरक्षा करेंगे। इसी वादे को पूरा करने के लिए खुद भगवान विष्णु दरबान बने थे। वहीं देवी लक्ष्मी पूरे चांद वाले दिन ब्राह्मण स्त्री के रूप में असुर राजा बाली के महल में गई। देवी लक्ष्मी ने असुर राजा बाली की कलाई पर राखी बांधी और इस पर बाली ने तोहफा मांगने के लिए कहा। तोहफा मांगने के स्वरूप में देवी लक्ष्मी ने दरबान की तरफ इशारा किया। इस दौरान भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी अपने असली रूप में आए और यह देखने पर असुर राजा बाली ने भगवान विष्णु से विनती की कि वो देवी लक्ष्मी के साथ जाएं।

4. रविंद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore)

1905 में बांगाल के विभाजन के दौरान सभी समुदायों के बीच शांति लाने के लिए रविंद्रनाथ टैगोर जी के द्वारा ‘राखी महोत्सव’ शुरु किया गया। अलग समुदायों की महिलाओं को अलग समुदायों के पुरुषों को राखी बांधने के लिए कहा गया जिससे शांति बनी रहे। आज तक, लोग अपने भाइयों के साथ अपने करीबी दोस्त, पड़ोसियों को भी राखी बांधते हैं।

5. राजा पुरु और महान सिकंदर (King Puru And Alexander The Great)

ऐसा कहा जाता है कि भारतीय राजा पुरु (पोरस) ने आक्रमण के दौरान महान सिंकदर को बंधी या डराया था। तभी सिकंदर की पत्नी रोक्साना ने राजा पुरु (पोरस) को राखी भेजी और युद्ध में सिकंदर को नुकसान ना पहुंचाने की विनती की।

रक्षाबंधन का महत्व

  • बहन और भाई के प्यारे रिश्ते का जश्न मनाना।
  • जो भाई- बहन दूर शहरों में रहते हैं वो इस दिन मिलकर खुशियां मनाते हैं।
  • इस दिन हम अपने भाई- बहन के साथ खास रिश्ते को याद करते हैं – राखी, भाई- बहन के प्यारे रिश्ते का प्रतीक होती है।

रक्षाबंधन कैसे मनाएं?

राखी या रक्षाबंधन का दिन भावुक होने के साथ- साथ कई सारी डिश, गिफ्ट और रसमों से भरपूर होता है।

रसमें

रक्षाबंधन से जुड़ी कुछ रसमें इस प्रकार हैं – 

1. तैयारी

  • हिंदुस्तानी त्योहार की पूजा करने से पहले नहाया जाता है।
  • पूजा की थाली तैयार की जाती है जिसमें टीका, चावल, राखी और आरती के लिए दीया रखा जाता है।
  • मिठाई रखना न भूलें। मिश्री और गुड़ भी मिठाई के तौर पर रख सकते हैं।
  • राखी बांधने तक कई लोग व्रत भी रखते हैं। एक दूसरे को मिठाई खिलाने के बाद व्रत खोला जाता है।

2. समारोह

बहन सबसे पहले आरती करती है और फिर टीका लगाने के बाद माथे पर कच्चे चावल लगाती है। इसके साथ राखी बांधी जाती है। इसके बाद एक दूसरे को मिठाई खिलाई जाती है और गिफ्ट दिए जाते हैं।

इसके साथ ही रक्षाबंधन वाले दिन शानदार डिश भी बनाई जाती हैं।

रक्षाबंधन पर घर में कई पकवान बनते हैं
रक्षाबंधन पर घर में कई पकवान बनते हैं

व्यंजन

राखी का त्योहार मनाने के लिए मीठे और नमकीन पकवान बनाए जाते हैं।

1. आलू- पूरी

आलू पूरी अधिकतर भारतीय घरों में रक्षाबंधन वाले दिन बनाई जाती है। आलू पूरी के साथ अचार मिल जाए तो खाना पूरा हो जाता है।

2. मालपुआ

श्रावण/ सावन के महीने में मालपुआ बनाए जाते हैं। यह भारतीयर पैनकेक है जिसको सोंफ और चीनी के सिरप में बनाया जाता है।

3. बूंदी लड्डू

भारतीय त्योहार मनाया जाए और लड्डू ना हो- ऐसा नहीं हो सकता। बिना नारंगी रंग के बूंदी के लड्डू के त्योहार और थाली, दोनों अधूरे हैं।

4. समोसा

समोसे का नाम लेते ही मुंह में पानी आ जाता है। आलू से भरा समोसा आप घर में भी आसानी से बना सकते हैं।

5. पकौड़े

जिस दिन बारिश होती है उस दिन पकौड़े बनने जरुरी हो जाते हैं। कई तरह के पकौड़े बनाए जा सकते हैं जैसे कि आलू, प्याज, हरी मिर्च. पनीर, मशरूम, मक्का, गोभी, ब्रेड आदि।

6. खीर

भारतीय त्योहार के समय खीर से ही मुंह मीठा करवाया जाता है। खीर भी आप कई तरीके की बना सकते हैं जैसे कि क्लासिक चावल की खीर, साबुदाना, मखाना, सेब की खीर आदि।

आखिर में

भाई- बहन के रिश्ते के बारे में शब्दों में कहना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। भाई- बहन का रिश्ता ही कुछ ऐसा होता है कि आप चाहे कितनी बार भी उन्हें परेशान कर लें, कोई बात नहीं लेकिन अगर किसी और ने किया तो उसे आपसे बचना होगा। यही होता है भाई- बहन का रिश्ता है।

हम आशा करते है कि रक्षाबंधन का त्योहार आपके लिए ढे़र सारी खुशियां लेकर आएगा।

FAQs

रक्षाबंधन से जुड़े कुछ दिलचस्प सवालों के जवाब यहां से ले सकते हैं।

1. रक्षाबंधन की शुरुआत कैसे हुई थी? (How did Raksha Bandhan begin?)

रक्षाबंधन से जुड़ी पांच कहानियां हैं –

  • भगवान श्री कृष्ण और द्रौपदी की कहानी।
  • राजा बाली और देवी लक्ष्मी जी की कहानी।
  • कुछ लोगों का कहना यह त्योहार तब शुरु हुआ जब रानी कर्णावती ने हुमायूं से मदद ली थी।
  • राजा पुरु और महान सिकंदर की कहानी।

2. 2021 में रक्षाबंधन कब मनाया जाएगा? (When will Raksha Bandhan be celebrated in 2021?)

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन का त्योहार 22 अगस्त, 2021 को मनाया जाएगा। इस दिन रविवार है।

3. भारत में किन हिस्सों में रक्षाबंधन मनाया जाता है? (Which parts of India celebrate Raksha Bandhan?)

रक्षाबंधन भारत के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में मनाया जाता है।

4. कलाई से राखी कब उतारनी चाहिए? (When should Rakhi be removed?)

कलाई से राखी उतारने का कोई निश्चित समय या नियम नहीं है। जितने दिन मन हो उतने दिन राखी पहन सकते हैं या फिर उसी दिन भी उतार सकते हैं। सभी हिंदुस्तानी घरों की परंपरा और रसम अलग होती है।

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