व्रत से वजन कम करना- क्या यह सही तरीका है?

व्रत रखकर वजन कम करना एक सफल और असरदार तरीका है। लेकिन इससे होने वाले नुकसान लंबे समय के लिए हो सकते हैं जो शरीर को हमेशा के लिए खराब कर सकते हैं। शरीर में बैलेंस बनाए रखने से ही सेहतमंद शरीर मिलता है।

व्रत में लोग पूरी तरह से खाना या फिर कुछ तरह के खाने को खाना छोड़ देते हैं और इसका कारण धार्मिक, चिकित्सीय या प्रायोगिक होता है। व्रत के समय में लोग सोलिड फूड का सेवन नहीं करते हैं और सिर्फ लिक्विड ही पीते हैं। व्रत करने के सारे तरीके होते हैं- कुछ लोगो थोड़े समय का व्रत रखते हैं जैसे कि 6 से 8 घंटे और वहीं कुछ लोग 24 से 72 घंटे का भी व्रत रखते हैं जिसको लंबे समय के लिए व्रत रखना कह सकते हैं।

लंबे समय के लिए व्रत धार्मिक या फिर प्रोयोगिक कारण के लिए रखते हैं वहीं थोड़े समय के लिए व्रत रखना का कारण सेहतमंद जिंदगी और डाइट हो सकता है। कम समय के लिए व्रत रखने को रुक- रुक कर व्रत रखने को कहते हैं वहीं लंबे समयके लिए व्रत रखने को पूर्ण व्रत या सूखा व्रत कहते हैं।

व्रत के समय में लोग सोलिड फूड का सेवन नहीं करते हैं और सिर्फ लिक्विड ही पीते हैं।

रुक- रुक कर व्रत रखने में लोग सोलिड और लिक्विड फूड नहीं खाते हैं। पूर्ण व्रक में यह महत्तव नहीं रखता कि वो इंसान क्या खाता है यह महत्तव रखता है कि वो कितने समय बाद खाता है। इस तरीके से व्रत रखने से सेहतमंद खाने का तरीका है वहीं यह वजन कम करने में भी मदद करता है। लेकिन कैसे? आइए इसके बारे में पढ़ते हैं।

व्रत की मदद से वजन कम करना

व्रत रखने का धार्मिक या फिर मेडिकल हो सकता है। यह बॉडी मास को सही बनाए रखने में मदद करता है लेकिन अगर लंबे समय तक ऐसा किया गया तो शरीर को नुकसान भी हो सकता है। व्रत का मतलब है शरीर से टोक्सिक निकालना। इस समय शरीर में सभी बुरी, टोक्सिक और अस्वस्थ चीज़े बाहर निकल जाती हैं जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है।

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लेकिन अगर आपको लगता है कि आप भूखे और प्यासे रहकर वजन कम कर सकते हैं तो आप गलती कर रहे हैं। अगर आप पहले से खाना छोड़ रहे हैं तो आप ऐसा करना अभी से छोड़ दें क्योंकि ऐसा करने से आप सिर्फ अपने शरीर को नुकसान दे रहे हैं।

वजन कम करना थका देने वाला काम है इसमें समय, समर्पण और धैर्य की जरुरत है, तभी आप अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकेंगे। रुक- रुक कर व्रत रखने बहुत पॉपुलर है इसके साथ ही यह असरदार और निपुण भी है। सही तरीके व्रत रखने से वजन तो कम होता ही है साथ ही सेहतमंद जिंदगी भी हो जाती है।

जब आप रुक- रुक कर व्रत रखते हैं तब आपका ज्यादा ध्यान इस पर होना चाहिए कि आप कितने समय बाद खाना खा रहे हैं न की आप क्या खा रहे हैं। वजन कम करने के लिए जो खाने के बीच में समय है वो बहुत अहम रुप निभाता है। लंबे समय के लिए व्रत करने से गैस की परेशानी हो सकती है और शरीर में एसिड बन सकता है जो छाले पैदा कर सकता है।

वजन कम करने के लिए व्रत आपके शरीर को अचानक से होने वाले बदलाव के बारे में बता रहा है। यह खेत में धीरे- धीरे फसलों में से जंगली घास को काटने की तरह है और फिर बाद में फसल को पकने देना। जब आप व्रत को वजन कम करने के लिए चुनते हैं तो इस बात का खास ध्यान रखें कि अपनी डाइट में सारी कैलोरी को एक साथ न निकालें। कैलोरी के सेवन करने का प्रोसेस समर्पण और धैर्य के साथ होना चाहिए। नहीं तो शरीर में गड़बड़ी के आसार बढ़ जाते हैं।

शरीर से पानी के वजन को कम करने के साथ- साथ
इसको वापस से लेकर आना भी आसान होता है।

सबसे पहले लोग पानी के वजन को कम करते हैं क्योंकि शरीर से पानी के वजन को कम करना बेहद आसान होता है। शरीर से पानी के वजन को कम करने के साथ- साथ इसको वापस से लेकर आना भी आसान होता है।

जब व्रत करना छोड़ देते हैं तो वजन बढ़ सकता है जिससे आपके शरीर में फैट आ जाएगा और इससे मांसपेशियों को खोने का भी डर बढ़ जाता है इसलिए बेहतर यही होगा कि आप कसरत करना शुरु कर दें। व्रत की मदद से पहले जो आप वजन कम करते हैं वो फैट होता है जो वापस नहीं आता है। लेकिन एक्सट्रा फैट को बर्न करना बहुत मुश्किल है जिसके बारे में आपने सोचा भी नहीं होगा।

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व्रक के समय एक इंसान के शरीर में अंदर और बाहर से कई सारे बदलाव आते हैं। यह कम इंसुलिन बनाने में मदद करता है। जब खाना खाया जाता है तो शरीर में इंसुलिन बनता है। कम खाना खाने से कम इंसुलिन बनता है। इंसुलिन की ज्यादा मात्रा होने से फैट बर्न नहीं होता है।

जब कोई इंसान अच्छे से व्रत करते हैं तब उनके शरीर में मानव विकास हार्मोन का जन्म होता है जो फैट को बर्न करने में मदद करता है और मासंपेशियों को लाने में मदद करता है। व्रत से नोर-एपिनेफ्रीन बनाने में भी मदद करता है जो नर्वस सिस्टम के द्वारा प्रोड्यूज किया जाता है। यह शरीर के अंदर फैट तक पहुंचता है जो फैट को फ्री फैटी एसिड में बदल देता है जो बाद एनर्जी का रुप ले लेती है।

व्रत की मदद से वजन कम करते समय क्या खाना चाहिए

सबका यह मानना है कि पूरे दिन में ब्रेकफास्ट सबसे जरुरी समय का खाना होता है। लेकिन व्रत के समय में ब्रेकफास्ट को छोड़ देना चाहिए और और कुछ हल्का खाना चाहिए। ब्रेकफास्ट न खाने से आप ज्यादा समय के लिए बिना सोलिड फूड खाएं काम कर सकते हैं। व्रत की मदद से वजन कम करने का यह मकसद होना चाहिए।

ब्रेकफास्ट न खाने से आप ज्यादा समय के लिए बिना सोलिड फूड खाएं काम कर सकते हैं।

व्रत के समय खाना खाने के बीच में 6 से 8 घंटे का गैप होना चाहिए। फलों और सब्जियों को कच्चा खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि पकने के बाद इनमें से पोष्टिक आहार खत्म हो जाते हैं। इसके साथ ही फैट का सेवन करना चाहिए नहीं तो शरीर में आहार की कमी होने से बुरा असर भी हो सकता है।

आखिर में

व्रत करने से वजन कम हो जाता है। यह तरीका सबसे सेहतमंद तरीका है। व्रत रखकर वजन कम करना एक सफल और असरदार तरीका है। लेकिन इससे होने वाले नुकसान लंबे समय के लिए हो सकते हैं जो शरीर को हमेशा के लिए खराब कर सकते हैं। शरीर में बैलेंस बनाए रखने से ही सेहतमंद शरीर मिलता है। व्रत की मदद से वजन कम करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से जरुर सलाह लें।

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