वजन बढ़ाने के लिए डाइट- स्वस्थ वजन कैसे प्राप्त करें (Diet Tips To Gain Weight| How To Gain Healthy Weight?)
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वजन बढ़ाने के लिए डाइट- स्वस्थ वजन कैसे प्राप्त करें (Diet Tips To Gain Weight| How To Gain Healthy Weight?)

वजन बढ़ाना इतना आसान नही है जितना दिखता है। वजन बढ़ाने के लिए डाइट प्लान बनाना जरुरी है। यहां से आप वेट गेन डाइट चार्ट इन हिंदी में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

कहा जाता है कि वजन बढ़ाना आसान काम नहीं है। जहां कुछ लोग वजन कम करने की कोशिश में लगे हुए हैं वहीं कुछ लोग शरीर का वजन कैसे बढ़ाएं की कोशिश में लगे हुए हैं। वजन बढ़ाने के लिए डाइट प्लान होना जरुरी है। अधिकतर लोगों का वजन बढ़ाने का मकसद सेहतमंद और एक्टिव जिंदगी जीने से है। वजन बढ़ाने का मतलब हमेशा कुछ न कुछ खाते रहने से नहींं होता है। इसका मतलब सेहतमंद डाइट की मदद से वजन बढ़ाना होता है। इस समय आपको पोषण और सही आहार की जरुरत होती है न की फैट की। मांसपेशियों और हड्डियों की डेंसिटी बढ़ने को सेहतमंद वजन बढ़ाना कहते हैं। इसके लिए जरुरी है कि आप वजन बढ़ाने के लिए डाइट प्लान करें। यहां से आप वेट गेन डाइट चार्ट इन हिंदी में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

वजन बढ़ाने के लिए जरुरी आहार

1. प्रोटीन

शरीर का वजन कैसे बढ़ाएं का जवाब आपको यहां से मिल सकता है। वजन बढ़ाने की डाइट में प्रोटीन अहम रुप निभाता है। डाइट में प्रोटीन लेने से हमारी मांसपेशियों की डेंसिटी बढ़ने में मदद करता है। आपको कितना प्रोटीन चाहिए यह आपके वजन और कैलोरी पर निर्भर करता है। अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से वजन नहीं बढ़ता है। अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से कीटोन (प्रोटीन के टूटने के बाद जो मिलता है) हमारे शरीर में पैदा हो जाता है जो हानिकारक हो सकता है।

protein diet for weight gain
डाइट में प्रोटीन लेने से यह हमारी मांसपेशियों की डेंसिटी बढ़ाने में मदद करता है।

2. फाइबर

प्रोटीन की तरह ही फाइबर भी शरीर के विकास में मदद करता है। फाइबर को डाइट में शामिल करने से शरीर में मौजूद एक्सट्रा फैट जल जाता है जिससे अस्वस्थ वजन कम हो जाता है। इस आर्टिकल के शुरुआत में आपको बताया गया है कि वजन बढ़ाने का मतलब कुछ भी अस्वस्थ खाने से नहीं होता है। अगर वजन बढाना है तो सेहतमंद खाना खाकर बढ़ाना चाहिए। जिससे आपका शरीर स्वस्थ रहे और साथ ही वजन भी बढ़ जाए। अस्वस्थ खाना खाकर आपका वजन तो बढ़ जाएगा लेकिन उसके साथ कई सारी बीमारी लेकर आएगा।

3. मिनरल्स

जैसा कि हमने पहले ही बताया है कि अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से कीटोन पैदा होता है। वहीं अगर हमारी डाइट में मिनरल्स जैसे कि पोटैशियम होगा, जो हमारे शरीर में पानी के बहाव को सामान्य बनाएं रखने में मदद करता है। पोटैशियम हमारे शरीर से पानी के साथ कीटोन बाहर निकालने में भी मदद करता है। यह किडनी को जल्दी काम करने में मदद देता है जिससे शरीर में प्यूरिफिकेशन सिस्टम जल्दी होने लगता है। डाइट में कैल्शियम होने से हड्डियां मजबूत होती हैं।

4. कार्बोहाइड्रेट

वजन बढ़ाने के लिए कार्बोहाइड्रेट को डाइट में शामिल करना थोड़ा पैचीदा हो सकता है। इसको अपनी डाइट में शामिल करने से फायदे के साथ साथ नुकसान भी आता है। कार्बोहाइड्रेट खाने से यह शुगर मॉलिक्यूल में तबदील हो जाते हैं जो वजन बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन यह वजन बढ़ाने का सेहतमंद तरीका नहीं है क्योंकि ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाने से फैट बढ़ने लगता है। कार्बोहाइड्रेट एनर्जी का अच्छा माध्यम है जिससे आप लंबे समय के लिए एक्सरसाइज कर सकते हैं। और वजन बढ़ाने के लिए डाइट चार्ट को जरुर फोलो करें।

वजन बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए

अगर आपको वजन बढ़ाना या फिर घटाना है उसके लिए आपको डाइट प्लान करना जरुरी है। डाइट प्लान करते समय आपको यह तय करना जरुरी है कि किन चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना है। वजन बढ़ाना बहुत सारी चीजों पर निर्भर करता है जैसे कि फैट, प्रोटीन, एक्सरसाइज आदि। वजन बढ़ाने के तरीके हिन्दी में जानकारी आप यहां से प्राप्त कर सकते हैं। आइए उन चीजों पर नज़र डालते हैं जिनको आप अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

1. दूध

जब भी डाइट का नाम लिया जाता है उसमें दूध जरुर शामिल होता है। बचपन से लेकर अब तक हमें दूध पीने के लिए कहा जाता है। और कहा भी क्यों न जाएं, दूध पीने के इतने सारे फायदे जो होते हैं। दूध में कैल्शियम और प्रोटीन होता है जो मांसपेशियों और हड्डियों की डेंसिटी बढ़ाने में मदद करता है। इसके साथ ही यह हड्डियों को भी मजबूत बनाता है।

जिन लोगों को लेक्टोस का सेवन नहीं कर सकते हैं जो दूध में पाया जाता है उन लोगों को दूध से परहेज रखना चाहिए। जो लोग दूध नहीं पी सकते हैं वो लोग दही खा सकते हैं क्योंकि इसमें लेक्टोस नहीं होता है। और दही खाने दूध की कमी दूर हो जाएगी। वजन बढ़ाने के लिए डाइट चार्ट में दूध या फिर दही को शामिल करना न भूलें।

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दूध में कैल्शियम और प्रोटीन होता है जो मांसपेशियों और हड्डियों की डेंसिटी बढ़ाने में मदद करता है।

2. मीट

दूध की तरह ही जब भी वजन बढ़ाने की बात होती है मीट भी दिमाग में आता है। क्योंकि यह प्रोटीन से भरपूर होता है और प्रोटीन वजन बढ़ाने में मदद करता है। मीट खाने से डायजेस्टिव सिस्टम धीरे काम करने लगता है। इसका मतलब है, डायजेस्टिव एंजाइम खाने में मोजूद कार्बोहाइड्रेट को शुगर में बदलने में समय लगता है। जिससे शरीर में शुगर का प्रोडक्शन कम हो जाता है और इससे पैंक्रियास को इंसुलिन बनाने का ज्यादा समय मिल जाता है जो आसानी से शुगर मॉलिक्यूल के टुकड़े कर देती हैं। इसलिए मीट खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है और वजन बढ़ाने में मदद करता है।

3. फलियां

फलियों में प्रोटीन और मिनरल्स होते हैं। कुछ फली जैसे कि सोया बीन में भारी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, इसमें प्रोटीन किसी जानवर के मीट से भी ज्यादा होता है। आप अपनी डाइट में किडनी बीन, चने, काली फलियां, और सोयाबीन को शामिल कर सकते हैं। सोया बीन में डायट्री फाइबर, प्रोटीन और बाकी के जरुरी विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं।

4. चावल

चावल में कार्बोहाइड्रेट भारी मात्रा में पाया जाता है जो वजन बढ़ाने में मदद करता है। कार्बोहाइड्रेट खाने से डायजेस्टिव सिस्टम में एनर्जी बढ़ जाती है। कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होने की वजह से आप इसको कम भूख होने पर भी खा सकते हैं या फिर अगर आपके पास समय कम है। अधिक मात्रा में चावल खाने से कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है इसलिए नियमित रुप से चावल का सेवन करें। डेली डाइट चार्ट में चावल को शामिल कर सकते हैं।

5. ब्रेकफास्ट सीरियल्स

ब्रेकफास्ट में सेहतमंद सीरियल्स खाने से ज्यादा अच्छा कुछ नहीं हो सकता है। यह फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होता है जो आपके दिन की नई शुरुआत करने के लिए परफेक्ट है। फाइबर खाने से यह आपके पेट को लंबे समय के लिए भरकर रखता है जिसके बाद आप फैट नहीं खाते हैं और कैलोरी भी कंट्रोल में रहती है। प्रोटीन और कैल्शियम खाने से मांसपेशियों और हड्डियों की डेंसिटी बनी रहती है।

वजन बढ़ाने को अच्छा नहीं माना जाता है लेकिन कुछ स्थिति में वजन बढ़ाना जरुरी हो जाता है। सही वजन होने से आपका इम्यून सिस्टम स्वस्थ रहता है और साथ ही आप एक्टिव भी रहते हैं। वजन बढ़ाने का मतलब एनर्जी का बढ़ाना होता है। वजन बढ़ाते समय इस बात का ध्यान रखें कि यह ज्यादा न बढ़ जाए जो आगे चलकर परेशानी का कारण बन जाए।

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